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पश्चिम बंगाल में रामनवमी पर हुई हिंसा की जांच करेगी एनआईए

कलकत्ता हाई कोर्ट ने दिए आदेश
नई दिल्ली.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हावड़ा और दलखोला जिलों एवं पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में रामनवमी के दौरान भड़की हिंसा की जांच एनआईए को स्थानांतरित कर दी है।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल पुलिस को रामनवती हिंसा की जांच से जुड़े सभी दस्तावेज एनआइए को सौंपने का निर्देश दिया है। भाजपा विधायक व नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में रामनवमी पर हुई हिंसा की एनआइए जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जनहित याचिका में, सुवेंदु अधिकारी ने हिंसा की एनआईए जांच की मांग करते हुए यह आरोप लगाया था कि, कई इलाकों में बम विस्फोट भी हुए थे। अदालत ने राज्य पुलिस को दो सप्ताह के भीतर मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज केंद्र सरकार को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। केंद्र को इसके बाद एनआईए को दस्तावेज भेजने का निर्देश दिया गया।
रामनवमी पर पूरे बंगाल में भड़क उठी थी हिंसा
रामनवमी के दौरान पूरे बंगाल में हिंसा भड़क उठी थी। कई वाहनों में आग लगा दिया गया था जबकि पत्थरबाजी और कई दुकानों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई थीं। इसके अलावा कई जगहों पर अलग-अलग राजनीतिक दल के लोगों के टकराव के मामले भी सामने आए थे। राजनीतिक दलों ने एक दूसरे पर रामनवमी हिंसा को लेकर प्रहार किए। कई स्थानों पर कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। पश्चिमी बंगगाल के राज्यपाल को भी इस मामले में सक्रियता दिखानी पड़ी। रामनवमी पर पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में हुई हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हावड़ा और दालकोला समेत अलग-अलग शहरों में हुई हिंसा की घटनाओं की जांच अब कोर्ट ने आतंक-रोधी एजेंसी एनआईए को सौंप दी है।