नगर परिषद अधिकारियों पर कार्रवाई न होने तक शव उठाने से किया इनकार
by seemasandesh
दो घंटे तक मृतक बच्चों के परिजनों के साथ धरने पर बैठे रहे कॉलोनीवासी, पुलिस की समझाइश पर माने
विधायक बोले- पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए नगर परिषद सभापति से की बात
सभापति ने कहा- मौका देखकर की जाएगी उचित कार्रवाई, पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद भी करेंगे हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। टाउन की बरकत कॉलोनी में बुधवार को गंदे पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले में डूबने से एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत होने का मामला गुरुवार को गर्मा गया। मृतक बच्चों के परिजनों व कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई न होने तक जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखे दोनों बच्चों के शव उठाने से इनकार कर दिया। इस दौरान परिजनों की चीख-पुकार से हर किसी का दिल पसीज गया। अपने-अपने बेटों की तस्वीरें हाथों में पकड़े बैठे दोनों बच्चों के पिता का भी रो-रोक कर बुरा हाल हो गया। परिजनों व कॉलोनीवासियों का कहना था कि करीब छह माह पहले जब नगर परिषद ने नाला बनवाया तब उसे ढका नहीं गया। सात फीट गहरे नाला को खुला छोड़ दिया। आज यदि नाला ढका होता तो उनके मासूम बच्चे उन्हें छोड़कर नहीं जाते। उनका कहना था कि इससे पहले भी इस नाला में कई बार गोवंश गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन अवगत करवाने के बावजूद भी नगर परिषद अधिकारी नहीं चेते। उनकी लापरवाही का परिणाम यह हुआ कि मोहल्ले के दो मासूम बालकों की जान चली गई। उधर, सूचना मिलने पर टाउन पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों व कॉलोनीवासियों से समझाइश कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे बाद परिजन व कॉलोनीवासी दोनों बच्चों राजन (6) पुत्र बबलू एवं देवदास (8) पुत्र श्रवणदास निवासी वार्ड 46 बरकत कॉलोनी के शव उठाने के लिए राजी हुए। इसके बाद टाउन पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिए। उधर, विधायक चौधरी विनोद कुमार ने बुधवार की घटना को बड़ी दर्दनाक बताते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में नगर परिषद सभापति से बात की है कि वे मृतक बच्चों के घर जाकर उनके परिजनों को उचित मुआवजा दें। क्योंकि वे दोनों बच्चों को तो वापस नहीं लौटा सकते। आर्थिक मदद से दोनों बच्चों के परिवारों को कुछ सांत्वना मिल सकेगी। साथ ही विधायक ने कहा कि शहर में ऐसे नाले जो गहरे हैं उन्हें ढकवाने की व्यवस्था करवाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरार्वृत्ति न हो। वहीं नगर परिषद सभापति गणेश राज बंसल ने बताया कि शहर के गंदे पानी की निकासी के लिए परिषद की ओर से पिछले वर्ष वार्ड 46 में आरसीसी नाला का निर्माण करवाया गया था। लेकिन अभी तक उस नाला को फेरोकवर से नहीं ढका गया था। नाला अभी निमार्णाधीन है। बुधवार को इस नाले में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई जो बड़ी दुखद घटना है। मौका देखकर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को नगर परिषद की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी। नाले में गिरने से हुई थी दो बच्चों की मौत गौरतलब है कि टाउन की बरकत कॉलोनी के रहने वाले राजन एवं देवदास बुधवार को सुबह 11 बजे खेलते-खेलते घर से निकल गए। करीब तीन घंटे बीतने के बाद जब दोनों बच्चे परिजनों को नहीं दिखे तो दोपहर करीब दो बजे उनकी तलाश शुरू की। बच्चों के अपहरण की आशंका के चलते परिजनों ने टाउन थाने में भी सूचना दी। साथ ही परिजनों की तलाश भी निरंतर जारी रही। कई देर तक तलाश करने पर नाले में पानी एवं कीचड़ के बीच फंसे बालक मिले। उनको नाले से बाहर निकाल कर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक देवदास के दादा सीताराम तथा बालक राजन के दादा दोनों भाई हैं। इनका परिवार मूलत: बिहार का रहने वाला है जो कई बरसों से यहां रहकर मजदूरी कर रहे हैं।