नई दिल्ली. झारखंड में कई सालों से नक्सली गतिविधियों को अंजाम दे रहे कुख्यात नक्सली लीडर दिनेश गोप को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एनआईए के साथ मिलकर नेपाल से गिरफ्तार कर लिया है. दिनेश पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट आॅफ इंडिया का हेड है. उस पर झारखंड में 25 लाख का इनाम घोषित है. वहीं, 5 लाख का इनाम नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने भी घोषित कर रखा है.
बता दें कि इस नक्सली लीडर की तलाश पुलिस और सीआरपीएफ दोनों 15 सालों से कर रहे थे. दिनेश गोप झारखंड में कई सालों से नक्सली गतिविधियों में एक्टिव था. उस पर 100 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इसके कई साथी अब तक फरार हैं.
पीएलएफआई सुप्रीमो को झारखंड पुलिस ने ठकअ के सहयोग से नेपाल से गिरफ्तार किया है. झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप को झारखंड पुलिस और एनआईए ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर नेपाल से पकड़ा है. उसे दिल्ली लाया जा रहा है.
इससे पहले नवंबर 2021 को भी दिनेश को पकड़ने की कोशिश की गई थी. लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ने से बचकर भाग निकला था. पश्चिम सिंहभूम के घोर नक्सल प्रभावित गुदड़ी थाना इलाके में पुलिस ने गुप्त सुचना पर दिनेश गोप और उसके दस्ते के लोगों को घेर रखा था. दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, लेकिन उग्रवादी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला.
सर्च आॅपरेशन के दौरान दोपहर में गुदड़ी, सोनुवा, गोइलकेरा थाने के सीमावर्ती इलाके के बनुमूली और दरकोरहटोला के बीच पहाड़ी परघने जंगलों के बीच पीएलएफआई उग्रवादियों ने पुलिस को सामने से आता देख उनपर फायरिंग शुरू कर दी थी. सुरक्षाबलों ने अचानक हुए हमले में किसी तरह खुद को बचाया और उसके बाद उग्रवादियों पर आत्म रक्षा में जवाबी फायरिंग की. सुरक्षाबलों की थी. ताबड़तोड़ फायरिंग से पस्त हुआ उग्रवादी नेता दिनेश गोप अपने दस्ते को लेकर भाग निकला था.
इससे पहले भी पीएलएफआई उग्रवादी नेता दिनेश गोप को पकड़ने के लिए पुलिस ने कोशिश की थी, मुठभेड़ भी हुई लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर बच निकलता था. बता दें कि दिनेश गोप झारखंड के खूंटी जिला का रहने वाला है और उसके ऊपर पुलिस ने 25 लाख का इनाम घोषित कर रखा है.