नयी दिल्ली (वार्ता). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि के विजन को साकार करने की दिशा में सरकार ने पांच और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख एस मांडविया के साथ राजधानी दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय किये गए। बैठक में सहकारिता मंत्रालय एवं उर्वरक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
देशभर में लगभग एक लाख प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां मौजूद हैं। मैपिंग के आधार पर उर्वरक खुदरा विक्रेता के रूप में कार्य नहीं कर रहीं प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की पहचान की जाएगी और व्यवहार्यता के आधार पर उन्हें चरणबद्ध तरीके से खुदरा विक्रेता के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
जैविक उर्वरकों, विशेष रूप से फर्मेंटेड जैविक खाद तरल फर्मेंटेड जैविक खाद और फॉस्फेट समृद्ध जैविक खाद के विपणन में पैक्स को जोड़ा जाएगा।
उर्वरक विभाग की मार्किट डेवलपमेंट असिस्टेंस योजना के तहत उर्वरक कंपनियां छोटे बायो-आॅर्गेनिक उत्पादकों के लिए एक एग्रीगेटर के रूप में कार्य कर अंतिम उत्पाद का विपणन करेंगी, इस आपूर्ति और विपणन श्रृंखला में थोक/ खुदरा विक्रेताओं के रूप में पैक्स को भी शामिल किया जाएगा।
उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए पैक्स को ड्रोन उद्यमियों के रूप में भी कार्यरत किया जा सकेगा, साथ ही, ड्रोन का उपयोग संपत्ति सर्वेक्षण के लिए भी किया जा सकता है।
इन महत्वपूर्ण निर्णयों से प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कार्य क्षेत्रों में विस्तार होगा जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे और किसानों को उर्वरक, कीटनाशक, बीज तथा कृषि मशीनरी आदि स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।