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प्रधानाचार्या से दुर्व्यवहार का मामला : शिक्षकों ने उपखण्ड कार्यालय पर किया प्रदर्शन, ग्रामीणों ने शिविर स्थल पर लगाया धरना

रायसिंहनगर. महंगाई राहत शिविरों के सफल क्रियान्वयन में लगा हर एक कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। प्रशासनिक व्यवस्था को बनाए रखना संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। जिसके लिए संबंधित अधिकारी की ओर से निर्देशित करना दुर्व्यवहार नहीं माना जा सकता है।यह बात उपखण्ड अधिकारी प्रतीक जुईकर चन्द्रशेखर ने ग्राम पंचायत झोटांवाली में आयोजित महंगाई राहत शिविर में पंचायत समिति विकास अधिकारी रामराज व प्रधानाचार्या ललिता शर्मा के बीच उपजे विवाद के बाद शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों से कही।
प्रधानाचार्या को कारण बताओ नोटिस दिए जाने से आक्रोशित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने शुक्रवार को उपखण्ड कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन कर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने उपखण्ड अधिकारी को अवगत करवाया कि शिविर के सफल क्रियान्वयन को लेकर शिक्षक महात्पूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन अधिकारियों के इस प्रकार के व्यवहार से शिक्षक वर्ग निराश है। उपखण्ड अधिकारी ने कहा कि संबंधित प्रधानाचार्या की ओर से ग्रामीणों को उकसाकर धरना प्रदर्शन करवाना प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, ग्राम पंचायत झोटांवाली में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विकास अधिकारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रधानाचार्या के समर्थन में राहत शिविर स्थल पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षक संघ शेखावत व शिक्षक संघ राष्ट्रीय से जुड़े शिक्षक राजेश भणभैरू देवीसिंह, हरभजन सिह, हसराज साई, बृजराज सिंह, गुरमीतसिह, तरसेमसिह, सोहन जनागल, प्रमोद कुशवाह, गोर्वधन वर्मा, नरेन्द्र सहारण, विनोद रिवारिया, कैलाश सांखला सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे। वहीं ग्राम पंचायत झोटावाली में पूर्व सरपंच बलकरण सिंह, अमनदीप सिंह, हरदीप सिंह, जसकरण सिंह, ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष गुलाब सिंह, सुबासिह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया।