श्रीगंगानगर (वार्ता)। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में रावतसर थाना क्षेत्र में रावतसर-नोहर मार्ग पर गांव चाइयां के समीप दो कारों में आमने-सामने की टक्कर में तीन व्यक्तियों की मृत्यु होने तथा तीन व्यक्तियों के घायल होने की दुर्घटना में आज दोपहर को अनोखा घटनाक्रम सामने आया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में मारे गए रावतसर के वार्ड नंबर 7 निवासी इंद्राज नायक के शव का पुलिस ने दोपहर को सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिवार जनों को सौंप दिया। शव को जब अंतिम संस्कार के लिए कल्याण भूमि ले जाया जाने लगा, तभी किसी को महसूस हुआ कि इंद्राज के शरीर में हलचल हुई है। उसके हाथ की नब्ज चल रही है। उसने यह बात अन्य लोगों को बताई तो सभी हक्के-बक रह गए। अंतिम संस्कार की तैयारी छोड़ इंद्राज के शव को लेकर परिजन वापस रावतसर सरकारी अस्पताल पहुंचे।
शव को दोबारा अस्पताल में लाने पर चिकित्सा और चिकित्सा कर्मी हैरत में पड़ गए। उन्होंने जब लोगों की बात सुनी तो वह किसी आश्चर्य से कम नहीं थी। चिकित्सकों ने समझाया कि पोस्टमार्टम हो चुका है, अब शरीर में कैसे हलचल हो सकती है। लेकिन परिवारजन नहीं माने। उनकी तसल्ली के लिए तीन-चार डॉक्टरों की टीम तथा चिकित्सा कर्मियों ने दोबारा जांच की। शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उन्होंने इंद्राज को फिर से मृतक घोषित कर दिया। इसके बाद भी परिवार वालों को तसल्ली नहीं हुई। वह शव को लेकर हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में आ गए। वहां के डॉक्टरों ने साफ जवाब दे दिया कि जब सरकारी अस्पताल में इस शख्स को दो बार मृत घोषित कर दिया गया है, तो वह अब क्या जांच करें।
वहां से शव को परिवारजन हनुमानगढ़ टाउन के जिला स्तरीय सिविल अस्पताल में ले गए। वहां का स्टाफ भी कम आश्चर्यचकित नहीं हुआ। फिर भी उन्होंने लाश लेकर आए लोगों की तसल्ली के लिए मशीनें लगाकर जांच की। इस जांच का भी कोई नतीजा नहीं निकला। तत्पश्चात यह लोग बड़े मायूस और शोकग्रस्त होकर लाश को वापस रावतसर ले गए,जिसका देर शाम को अंतिम संस्कार किया गया।