नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियों के गठबंधन इंडिया पर बवाल खड़ा हो गया है. गठबंधन का नाम इंडिया रखने पर दिल्ली पुलिस में शिकायत हो गई है. शिकायतकर्ता ने ऐसा नाम रखने को कानून का उल्लंघन बताया है. ये शिकायत अवनीश मिश्रा नाम के शख्स ने बाराखंबा रोड पुलिस थाने में दर्ज कराई है. इस शिकायत में उन्होंने सभी 26 पार्टियों को आरोपी बनाने की अपील की है. बेंगलुरु में दो दिन तक चली विपक्षी पार्टियों की बैठक के बाद गठबंधन का नाम इंडिया रखने का फैसला लिया गया था. इसका फुल फॉर्म ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस’ है.
शिकायत में क्या कहा गया है?
- बुधवार को अवनीश मिश्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि चुनाव और जनता को प्रभावित करने के लिए इंडिया नाम रखा गया है, जो गलत है.
- उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है, ये साफ दिखाई देता है कि राजनीतिक पार्टियों ने अपने गठबंधन के नाम के रूप में इंडिया नाम का इस्तेमाल करके एम्ब्लेम्स एक्ट की धारा 3 का उल्लंघन किया है.
- मिश्रा ने अपनी शिकायत में पुलिस ने इन पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है. हालांकि, पुलिस ने अब तक इस मामले में केस दर्ज नहीं किया है.
क्या कानूनी पचड़े में फंस सकता है विपक्ष? - राष्ट्र के प्रतीकों, नामों और चिन्हों के गलत इस्तेमाल को रोकने के मकसद से 1950 से एक कानून है.
- इसका नाम- एम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेन्शन आॅफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट यानी प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) कानून है.
- इस कानून की धारा 3 के तहत, कोई भी व्यक्ति अपने कारोबार, पेशे, पेटेंट, ट्रेडमार्क या डिजाइन के लिए राष्ट्रीय प्रतीक, नाम या चिन्हों का इस्तेमाल नहीं कर सकता. हालांकि, केंद्र सरकार ने कुछ मामलों में इनका उपयोग करने की अनुमति दी है.
- इस कानून की धारा 5 में ऐसा करने पर जुमार्ने का प्रावधान किया गया है. अगर कोई भी व्यक्ति या संस्था धारा 3 के तहत दोषी पाया जाता है तो उसे 500 रुपये तक के जुमार्ना देना पड़ सकता है.
तो अब आगे क्या? - अगर पुलिस इस शिकायत के आधार पर केस दर्ज करती है, तो फिर राजनीतिक पार्टियों से इस पर सफाई मांगी जा सकती है.
- इसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचेगा. फिर ये सब कोर्ट पर निर्भर करेगा कि वो राजनीतिक पार्टियों को इंडिया शब्द का इस्तेमाल करने की इजाजत देती है या नहीं?