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भारतीय बाजार में होने वाली है लंबी तेजी की शुरूआत:मॉर्गन स्टेनली ने भारत की रेटिंग बढ़ाकर ओवरवेट की, चीन की रेटिंग घटाई

नई दिल्ली। ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भारत के बाजार पर अपने आउटलुक को बढ़ाकर ओवरवेट कर दिया है, जबकि चीन पर आउटलुक डाउनग्रेड कर इक्वलवेट कर दिया है। स्टेनली का मानना है कि भारत में लंबी तेजी की शुरूआत होने वाली है, जबकि चीन की तेजी खत्म होने के करीब है।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा भारत का भविष्य काफी हद तक चीन के अतीत जैसा दिखता है। ऐसा लगता है कि दशक के अंत में चीन का जीडीपी ग्रोथ रेट भारत के 6.5% की तुलना में लगभग 3.9% रहेगा। नोट में यह भी कहा गया है कि डेमोग्राफिक ट्रेंड भी भारत के फेवर में दिख रहा है, जबकि चीन में पिछले दशक की शुरूआत से कामकाजी उम्र की आबादी में गिरावट देखी गई है।
इससे 4 महीने पहले 31 मार्च को ब्रोकरेज फर्म ने भारत को अंडरवेट से इक्वलवेट में अपग्रेड किया था। मॉर्गन स्टेनली एक ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस फर्म है, जिसका हेडक्वार्टर अमेरिका के न्यूयॉर्क में है। ये 40 से ज्यादा देशों में काम करती है, जिसके 80,000 से ज्यादा कर्मचारी है।
ताइवान और आॅस्ट्रेलिया पर भी आउटलुक घटाया
ब्रोकरेज फर्म ने चीन के अलावा ताइवान और आॅस्ट्रेलिया पर आउटलुक घटाया है। ताइवान को डाउनग्रेड कर इक्वलवेट कर दिया गया है। वहीं, आॅस्ट्रेलिया पर अंडरवेट का नजरिया दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक आॅस्ट्रेलिया के बाजारों में अर्निंग डाउनग्रेड साइकिल में हैं और वैल्युएशंस महंगे हैं। वहीं कोरिया पर ओवरवेट का आउटलुक बरकरार रका है।
भारत के ओवरवेट होने का क्या मतलब है?
जब कोई रिसर्च फर्म किसी मार्केट को ओवरवेट कहती है तो इसका मतलब है कि ये मार्केट दूसरे बाजारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेगा। वहीं इक्वलवेट का मतलब है कि मार्केट का दूसरे बाजारों की तरह ही परफॉर्म करना। अंडरवेट का मतलब है कि बाजार का दूसरों से पिछड़ना।
दिसंबर तक सेंसेक्स 68,500 पहुंच सकता है
मॉर्गन स्टेनली कहा कि भारत अब उभरते बाजारों के बीच टॉप रैंक वाला, सबसे पसंदीदा बाजार है। उसे उम्मीद है कि दिसंबर तक सेंसेक्स 68,500 के स्तर तक पहुंच जाएगा। हालांकि, ये टारगेट तभी पूरा होगा जब कमोडिटी प्राइस में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी न हो और अमेरिका में मंदी न आए।
अभी सेंसेक्स 65,500 के करीब है। यानी 4 महीने में इसमें 3,000 अंकों की तेजी आ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2022 के मुकाबले भारतीय बाजारों के वैल्युएशंस बहुत ज्यादा नहीं हैं। 2022 में ब्रोकरेज फर्म ने कहा था कि भारतीय बाजार में बुल रन की शुरूआत हो रही है।
इससे पहले जून में मॉर्गन स्टेनली ने अपनी ‘इंडिया इक्विटी स्ट्रैटजी एंड इकोनॉमिक्स: हाउ इंडिया हैज ट्रांसफॉर्म्ड इन लेस देन अ डिकेड’, नाम की रिपोर्ट में कहा था कि भारत आने वाले समय में एशियाई देशों में प्रमुख लीडर के रूप में उभरेगा।
दुनिया की टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल होगा भारत
बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में रीडेवलप किए गए इंटरनेशनल एग्जीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर (कएउउ) का इनॉगरेशन करने के बाद कहा था, ‘मेरे तीसरे टर्म में दुनिया की पहली तीन इकोनॉमीज में एक नाम भारत का होगा। ये मोदी की गारंटी है।’ उन्होंने कहा था कि 2024 के बाद तीसरे टर्म में देश की विकास यात्रा तेजी से बढ़ेगी।