जोधपुर
जोधपुर के युवाओं में नशा करने की आदत बढ़ती जा रही है। जिसके खिलाफ पुलिस द्वारा भी अभियान चलाया जा रहा है। लगातार नशे के आदी इन युवाओं को पकड़कर नशा मुक्ति केंद्र भेजा जा रहा है। 24 घंटे में अब तक करीब 200 लड़कों को पकड़ा जा चुका है। जिसमें नौकरी पेशा, स्टूडेंट, डॉक्टर, इंजीनियर आदि पकड़े जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ऐसे युवक को भी पकड़ा जो जयपुर से डॉक्टर बनने की पढ़ाई करने जोधपुर आया था, लेकिन नशे की गिरफ्त में पड़ गया।
दरअसल, पुलिस रातानाड़ा में कार्रवाई करने पहुंची थी। यहां एक बस्ती में नशे में चूर युवक की पुलिस ने जेब खंगाली तो डॉ एस एन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष का परिचय पत्र मिला। जयपुर निवासी इस युवक को उसके परिजन ने डॉक्टर बनने जोधपुर भेजा था। जो यहां आकर स्मैक के दलदल में फंस गया। एमबीबीएस की डिग्री मिलने में मात्र 6 माह बाकी हैं, लेकिन नशे की इस आदत ने उसे इस कदर जकड़ रखा है कि हर शाम वह बस्ती में आकर स्मैक पीता है।
पुलिस ने जब उसके दोस्तों को फोन किया तो उन्होंने भी उसे नशे का आदी बताया। साथी बोले कि स्मैक के चक्कर में उसका भविष्य खराब हो रहा है। कॉलेज में कम ही रहता है। बस नशा करता रहता है। साथियों ने कहा कि प्लीज इसे सुधार दो। उसे डराओ ताकि लत छुट जाए।

पुलिस रिकॉर्ड में वांटेड लोगों को पकड़ा जा रहा।
कुछ नशेड़ियों के पास अवैध हथियार भी मिले
वहीं, पुलिस द्वारा मणई गांव का एक युवक को भी पकड़ा गया। जो अपनी मां की पायल लेकर 200 रुपए की स्मैक की पुड़ी लेने पहुंचा था। थानाधिकारी लीला राम ने बाताया कि अब तक पकड़े गए युवकों में दो के पास से अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। साथ ही 9 बाइक भी जब्त की गई है।
24 घंटे लगातार कार्रवाई अब तक 200 के करीब नशेड़ी पकड़े
रातानाडा थाना अधिकारी लीला राम का कहना है कि अब तक करीब 200 लोग पकड़े जा चुके है। 24 घंटे कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस लत में नौकरी पेशा, स्टूडेंट, डॉक्टर, इंजीनियर आदि पकड़े जा रहे है। इन नशेडि़यों को पाबंद कर परिजनों व रिश्तेदारों को सुपुर्द किया जाता है।

सामान्य लोगों की हो रही काउंसलिंग।
नशेड़ियों से बढ रही है अपराधिक घटनाएं
डीसीपी ईस्ट भूवन भूषण यादव ने बताया कि जोधपुर में स्मैक का नशा करने वालों की संख्या बढती जा रही है। इसके कारण अपराध भी हो रहे हैं। लगातार रातानाडा, उदयमंदिर महामंदिर क्षेत्र से नशेडियों की शिकायत पर ऑपरेशन तौबा अभियान चलाया गया है। इस दौरान वांटेड लोगों को पकड़ा जाता है। जिन पर पहले से मुकदमे दर्ज है और वांटेड नहीं है, उसे पाबंद किया जाए। जो अपराधिक किस्म का नहीं है, उसकी काउंसिलिंग की जाए।
क्या है ‘ऑपरेशन तौबा’
इस ऑपरेशन के तहत नशा करने वाले एवं बेचने वालों (अफीम, चरस, स्मैक, गांजा एवं अन्य प्रकार के नशे) के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा रही है। नशा-मुक्ति के लिए जोधपुर में नवाचार के रुप में ‘ऑपरेशन तौबा’ चलाया जा रहा हे। अभियान में नशा करने वाले व्यक्तियों का चयन कर, उनकी काउंसलिंग कर, उनको नशा-मुक्ति केन्द्र या अभिभावकों द्वारा गारण्टी देने पर सुपुर्द किया जा रहा है।