अमृतसर
लंबी लड़ाई के बाद पंजाब कांग्रेस के प्रधान बने नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को अमृतसर में अपना शक्ति प्रदर्शन किया। बुधवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ स्वर्ण मंदिर दरबार साहिब में शीश नवाया। हालांकि, इस दौरान सिद्धू और उनके समर्थक न तो मास्क लगाए दिखे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखे।

सिद्धू की कोठी पर जमा हुए उनके समर्थक नेता।
स्वर्ण मंदिर पहुंचने से पहले सभी नेता सिद्धू की कोठी पर एकत्र हुए और एसी बस में बैठकर यहां से दरबार साहिब के लिए रवाना हुए। नवजोत सिंह सिद्धू के घर जोगिंदर मान, परगट सिंह, गोबाया, अंगद सैनी, तरसेम डीसी, गुरजीत नगरा, बाबा हेनरी जैसे सीनियर नेता पहुंचे थे।

एसी बस में सवार सिद्धू के समर्थक कांग्रेस नेता।
सिद्धू के साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा भी थे। उनके घर में दाखिल होने से पहले उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि जो हाईकमान का आदेश नहीं मान रहे हैं, वे कांग्रेस की पीठ पर वार कर रहे हैं। जब कैप्टन और ब्रह्म मोहिंदरा के बीच मनमुटाव शुरू हुआ था, तब वह दोनों का हाथ पकड़कर एक दूसरे को मिलाने पहुंचे थे, लेकिन आज वही ब्रह्ममोहिंदरा कह रहे हैं कि जब तक नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन के बीच मनमुटाव खत्म नहीं होता, वह सिद्धू से नहीं मिलेंगे। ऐसा कहना गलत है और हाईकमान के आदेशों को न मानना अनुशासनहीनता है।
नवजोत सिद्धू को हरिमंदिर साहिब से सीधे राम तीर्थ जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर कार्यक्रम में बदलाव किया गया। यहां से वह पहले दुर्ग्याणा मंदिर गए। वहां माथा टेकने के बाद राम तीर्थ पहुंचे।