नई दिल्ली
बिलिनेयर इंडस्ट्रियलिस्ट गौतम अडाणी का ग्रुप अकसर किसी-न-किसी तरह मीडिया की सुर्खियों में बना रहता है। हाल में अडाणी ग्रुप की तीन एयरपोर्ट कंपनियों की तरफ से कुछ नियमों के उल्लंघन से जुड़ा एक मामला सामने आया है। मामला एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ब्रांडिंग को दबाते हुए ग्रुप की कंपनियों के प्रमोशन, डिस्प्ले, ऐड और उसकी ब्रांडिंग को बढ़ावा देने से जुड़ा है।
पिछले साल के अंतिम दिनों में बनी थीं तीन कमेटियां
दरअसल, अडाणी ग्रुप की कंपनियों पर अहमदाबाद, मंगलूर और लखनऊ एयरपोर्ट के ऑपरेशन से जुड़े करार की कुछ शर्तों को तोड़ने का आरोप लगा था। कंपनियों ने गड़बड़ी होने की बात से इनकार किया, तो मामले की जांच के लिए AAI ने अपनी, कंपनी और इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया के चार-चार सदस्यों वाली तीन अलग-अलग कमेटियां बना दीं। AAI के मुताबिक, सर्वे रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर ग्रुप की कंपनियों ने करार की शर्तों के मुताबिक ब्रांडिंग और डिस्प्ले में बदलाव करना शुरू कर दिया है।
फरवरी 2019 में नीलामी, फरवरी 2020 में हुआ करार
सरकार ने तीनों एयरपोर्ट को चलाने का काम निजी क्षेत्र में देने के लिए फरवरी 2019 में नीलामी कराई थी, जिसमें अडाणी ग्रुप कामयाब रहा था। एयरपोर्ट का कामकाज अपने हाथ में लेने के लिए फरवरी 2020 में ग्रुप की कंपनियों- अडाणी लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट (ALIAL), अडाणी मंगलूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (AMIAL) और अडाणी अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (AAIAL) ने AAI के साथ करार किया था।
अक्टूबर- नवंबर में मिली कमान, दिसंबर में मामला हुआ
तीनों एयरपोर्ट की कमान अक्टूबर और नवंबर 2020 में ग्रुप के हाथों में आ गई थी। अगले ही महीने यानी दिसंबर 2020 में AAI ने पाया कि तीनों एयरपोर्ट पर ब्रांडिंग और डिस्प्ले करार की शर्तों के हिसाब से नहीं है। उसने ALIAL, AMIAL और AAIAL को पत्र लिखकर गड़बड़ियों को दूर करने के लिए कहा। दिसंबर के अंतिम दिनों में अडाणी ग्रुप की कंपनियों ने जवाब दिया कि उन्होंने करार की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है।
प्रमोशन, डिस्प्ले, ऐडवर्टाइजमेंट, ब्रांडिंग पर बनी कमेटी
अगले ही महीने AAI ने तीनों एयरपोर्ट पर लगे होर्डिंग और डिस्प्ले के संयुक्त सर्वेक्षण के लिए अलग-अलग कमेटियां बना दीं। इनका मकसद यह पता लगाना था कि उन एयरपोर्ट को चलाने वाली कंपनियां, वहां प्रमोशन, डिस्प्ले, ऐडवर्टाइजमेंट और ब्रांडिंग काम करार की शर्तों के मुताबिक की रही हैं या नहीं।
डिस्प्ले पर AAI के नाम-लोगो प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं थे
लखनऊ एयरपोर्ट के लिए बनी कमेटी ने जनवरी के अंतिम दिनों में जो रिपोर्ट दी, उसके मुताबिक एयरपोर्ट आने-जाने वाले रोड पर लगे लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की होर्डिंग के दोनों तरफ अडाणी एयरपोर्ट्स लिखवा दिया था। कमेटी ने यह भी पाया कि एयरपोर्ट को मैनेज करने वाली कंपनियों के दूसरे डिस्प्ले पर AAI के नाम और लोगो प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं किए गए थे।
प्रमोशन, डिस्प्ले, ऐड और ब्रांडिंग सिर्फ एयरपोर्ट के नाम
तीनों एयरपोर्ट को चलाने का काम लेने के लिए अडाणी ग्रुप ने AAI के साथ जो करार किया था, उनके मुताबिक एयरपोर्ट के प्रमोशन, डिस्प्ले, ऐडवर्टाइजमेंट और ब्रांडिंग का काम उनके नाम- सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मंगलूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ ही किए जाने हैं।
डिस्प्ले पर पहले AAI का नाम और लोगो आना जरूरी
करार की शर्तों के मुताबिक, तीनों एयरपोर्ट को मैनेज करने वाली कंपनी अगर पब्लिक प्लेस पर अपना या अपने शेयरहोल्डरों का नाम डिस्प्ले करना चाहती है, तो उन सबसे पहले AAI का नाम और लोगो आएगा। लखनऊ एयरपोर्ट की तरह मंगलूर एयरपोर्ट और अहमदाबाद के लिए बनी कमेटी ने भी अपने-अपने यहां इस नियम का उल्लंघन पाया था।
AAI ने बताया कि 29 जून तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लखनऊ और मंगलूर एयरपोर्ट पर ब्रांडिंग और डिस्प्ले में बदलाव किए जा रहे थे, जबकि अहमदाबाद में वह काम पूरा हो चुका था।