कोलंबो
भारत ने श्रीलंका को दूसरे वनडे में 3 विकेट से हरा दिया। 276 रन का टारगेट चेज करते हुए भारत एक समय 193 रन पर 7 विकेट गंवा चुका था। लग रहा था कि इंडिया हार जाएगी, पर दीपक चाहर और भुवनेश्वर कुमार ने 84 बॉल पर नाबाद 84 रन की पार्टनरशिप कर 49.1 ओवर में मैच जीत लिया। दीपक ने अपनी पहली इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई।
दीपक 82 बॉल पर 69 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने इससे पहले दो विकेट भी लिए थे। चाहर को इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड से नवाजा गया।
दीपक ने इस पारी का पूरा श्रेय कोच राहुल द्रविड़ को दिया। उन्होंने कहा, ‘देश के लिए मैच जिताने का इससे बेहतर मौका नहीं हो सकता है। राहुल सर ने कहा था कि मैं बची हुई हर गेंद को खेलूं। वो जब इंडिया ए के कोच थे, तब उन्होंने मुझे कई मैच खेलते हुए देखा है। इसलिए उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया। वे मुझसे कहते थे कि तुम नंबर सात पर बल्लेबाजी करने के काबिल हो। उनका मुझ पर भरोसा रहा है। उम्मीद करता हूं कि आने वाले मैचों में मुझे बल्लेबाजी करने की जरूरत ना पड़े। जब जीत के लिए 50 रन की जरूरत थी, तब मुझे लगा कि हम जीत सकते हैं। उसके बाद मैंने रिस्क लेना शुरू किया। उससे पहले तक मेरा लक्ष्य हर गेंद को खेलना था।’
ग्राउंड पर जाने से पहले द्रविड़ ने भाई के जरिये दीपक को भेजा था मैसेज
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वन-डे मैच में भारत का 6 विकेट 160 रन पर गिर गया था। तब बल्लेबाजी करने के लिए दीपक चाहर गए थे। उन्होंने पारी को संभाला और बाद में भुवनेश्वर कुमार के साथ साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। दीपक चाहर के बल्लेबाजी में जाने से पहले कोच द्रविड़ ने ड्रेसिंग रूम की सीढ़ियों से नीचे उतर कर डग आउट में बैठे दीपक के छोटे भाई राहुल चाहर के पास जाकर बैठ गए और उन्होंने दीपक के लिए कुछ मैसेज दिया। मैच के बाद दीपक ने भी कहा था कि सर ने संभलकर खेलने के लिए कहा था।

दीपक चाहर ने 2 विकेट लिए। उन्होंने धनंजय डिसिल्वा (32 रन) और वानिंदु हसारंगा का विकेट लिया।
धवन ने चाहर की तारीफ की
धवन ने कहा कि इस मैच से युवाओं को सीखने का मौका मिलेगा। दीपक चाहर नेट पर बेहतर बल्लेबाजी कर रहे थे, ऐसे में हमें भरोसा था कि वे टीम को जिताने में सक्षम हैं। हमें भरोसा था कि 275 रन को चेज कर सकते हैं, लेकिन हमारी शुरुआत अच्छी नहीं रही। श्रीलंका योजना के तहत स्पिनर को पहले लेकर आई। श्रीलंका ने तीनों क्षेत्रों में बेहतर किया। हमें उनसे सीखने को मिला। उनकी फील्डिंग काफी अच्छी रही। मुझे भरोसा है कि इस मैच से युवाओं ने सीखा होगा। मुझे अपने सभी खिलाड़ियों पर गर्व है, सभी ने अपनी क्षमता दिखाई और यह जीत टीम प्रयास से ही संभव हो पाई।
भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ा
इस जीत के साथ श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा वन-डे जीतने के मामले में भी भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया। टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ कुल 161 मैच में से 93 मैच जीते हैं। वहीं, पाकिस्तान ने श्रीलंका को 155 मैचों में 92 बार हराया है।
श्रीलंका के लिए करुणारत्ने ने महत्वपूर्ण पारी खेली
टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका ने अविष्का फर्नांडो और चरिथ असलंका की फिफ्टी की बदौलत 50 ओवर में 9 विकेट पर 275 रन बनाए। अविष्का ने 50 रन और असलंका ने 65 रन की पारी खेली। असलंका के इंटरनेशनल करियर की यह पहली फिफ्टी रही।
इसके अलावा आखिरी में चमिका करुणारत्ने ने एक बार फिर एक आतिशी पारी खेली। उन्होंने 33 बॉल पर नाबाद 44 रन बनाए। पहले वन-डे में भी करुणारत्ने ने आखिर में 35 बॉल पर नाबाद 43 रन बनाए थे। भारत के लिए युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार सबसे सफल बॉलर रहे। उन्होंने 3-3 विकेट झटके। इसके अलावा दीपक चाहर को 2 विकेट मिले।