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मसीतांवाली हेड पर एसडीआरएफ की चौकी स्थापित करने की कवायद

  • राज्य में चिह्नित 10 हॉट स्पॉट में मसीतांवाली हेड भी शामिल, नहर में गिरने की घटना के बाद समय पर शुरू हो सकेगा रेस्क्यू आॅपरेशन
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)
    । जिले के मसीतांवाली हेड पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की चौकी स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। इसका मकसद दुर्घटनावश या आत्महत्या के इरादे से नहर में गिरे व्यक्ति को बचाव अभियान चलाकर सकुशल बाहर निकाला जा सके। क्योंकि इंदिरा गांधी नहर के मसीतांवाली हेड पर नहर में गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इंदिरा गांधी सहित अन्य नहरों में गिरे व्यक्तियों के बचाव के लिए एसडीआरएफ की टीम करीब 300 किलोमीटर दूर बीकानेर मुख्यालय से बुलानी पड़ती है। लेकिन जब तक टीम यहां पहुंच रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू करती है तब काफी देर हो जाती है। समय रहते बचाव अभियान शुरू किया जा सके, इसके लिए मसीतांवाली हेड पर एसडीआरएफ चौकी स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार उच्च अधिकारियों व एसडीआरएफ एडीजीपी के निर्देशन तथा एसडीआरएफ सेनानायक आईपीएस पंकज चौधरी के नेतृत्व में संभाग स्तर पर स्थापित कम्पनी वार रिपोर्ट के आधार पर पूरे राजस्थान में ऐसे 10 हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं जहां एसडीआरएफ की चौकियां स्थापित होने की प्रक्रिया जारी है। इनमें हनुमानगढ़ जिले के मसीतांवाली हेड के अलावा अलवर में सिलीसेढ़ झील के निकट, बारां जिले का किशनगंज, झालावाड़ जिले का अकलेरा, धोलपुर जिले के कोतवाला पुलिस थाना में पुराना चंबल पुल, बांसवाड़ा में माही डेम क्षेत्र, उदयपुर जिले में फतेहसागर झील, अजमेर जिले में आनासागर झील, जालोर जिले का सांचौर, जोधपुर जिले की कायलाना झील शामिल है। हनुमानगढ़ जिले में इंदिरा गांधी नहर में डूबने की घटनाएं काफी अधिक होती हैं। इंदिरा गांधी नहर में अक्सर दुर्घटनावश या आत्महत्या के इरादे से व्यक्ति अकेले या वाहन सहित गिरते रहते हैं। मसीतांवाली हेड पर बनी पुलिस चौकी में इन्हीं घटनाओं को देखते हुए रस्से आदि रखे हुए हैं जिनके माध्यम से कुछ व्यक्तियों को बचा लिया जाता है। पिछले 5 वर्षों में 17 घटनाओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। चौकी से मिली जानकारी के अनुसार अधिकतर मामलों में रिपोर्ट दर्ज नहीं होने से वास्तविक घटनाओं का आकलन संभव नहीं है लेकिन अनुमानत यहां वर्ष भर में 10-15 घटनाएं हो जाती हैं। मसीतांवाली हेड से दो बड़ी नहरें एनडीआर माइनर व थालडका माइनर निकलती है। इनमें भी ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। पिछले 5 वर्षों में इस क्षेत्र में एसडीआरएफ की ओर से 3 बचाव अभियान चलाकर 9 शव बरामद किए गए। एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार उक्त स्थल बीकानेर मुख्यालय से लगभग 300 किलोमीटर दूर होने से रेस्क्यू आॅपरेशन शुरू करने में काफी समय लगने पर मसीतांवाली हेड पर एसडीआरएफ चौकी स्थापित करना उचित होगा ताकि समय रहते बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

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