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पहली ही बारिश में उखड़ गई नालियां, धंस गए पोल

ज्जू. केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण सड़क भारतमाला सड़क परियोजना का काम सीमावर्ती क्षेत्र में अंतिम दौर में है लेकिन इस परियोजना का काम इतना घटिया स्तर पर हुआ है कि पहली ही बारिश में कई जगह पर बर्म उखड़ गए। पानी निकासी के लिए बनाई नालियां भी उखड़ गई। इससे सड़क के किनारे बर्म पर गहरे हो गए। चारणवाला से रणजीतपुरा के बीच कई जगह सड़क किनारे लगे विद्युत पोल भी गिर गए जिससे अंधेरा छाया हुआ है।
यहां ज्यादा नुकसान : सीमावर्ती रणजीतपुरा से चारणवाला की ओर बारिश से पानी करीब 10 किलोमीटर दायरे में गहरे गड्ढे हो चुके है। ग्रामीणों ने बताया कि धोरों के बीच से निकल रही सड़क के बर्म को मिट्टी से बनाया गया। इस महत्वपूर्ण सड़क को कई जगह नुकसान पहुचने पर भी परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे है और ना ही ठेकेदार ने सुध ली है। अब तक गड्ढों को भरा नहीं गया जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। गत दिनों एक मोटरसाइकिल इन गड्ढों में गिर गई थी।

ग्रीनकोरिडोर हाइवे निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
महाजन. अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस ग्रीनकोरिडोर 754 के हाइवे (भारतमाला) के कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। साबनिया से शेरपुरा के बीच जगह-जगह सड़क पानी में बह गई। बारिश से सड़क के बर्म टूट चुके है। गौरतलब है कि साबनिया, जैतपुर, चक नोहड़ा, छिल्ला, शेरपुरा के आसपास से यह एक्सप्रेस हाइवे निकल रहा है। जिसके निर्माण का कार्य पिछले करीब एक साल से चल रहा है। जमीन से करीब 8-10 फीट ऊंचाई लेकर बनी सड़क के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने व फाउंडेशन कमजोर होने से पहली बारिश भी यह सड़क नहीं झेल पाई। ग्रामीणों ने बताया कि रेत से भरने के बाद सही तरीके से मिट्टी का जमाव नहीं करने व गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखकर निर्माण करने से नुकसान हुआ है। अब भी रेत से फाउंडेशन तैयार किया जा रहा है। हालांकि सड़क का निर्माण कार्य अभी चल रहा है एवं ठेकेदार के ही अधीन है।

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