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हत्या-लूटपाट, छीना-झपटी और चोरियों के खिलाफ लामबंदी

पेट्रोल पंप मालिक संजय भाटिया हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त एक हफ्ते बाद भी पकड़ से बाहर
श्रीगंगानगर ।
शहर में हत्या-लूटपाट, छीना-झपटी, चोरियों और सरेआम हो रही गुंडागर्दी के विरुद्ध नागरिकों में लामबंदी हो गई है। आज शहर के अनेक संगठनों के पदाधिकारियों की एक बैठक हुई, जिसमें पेट्रोल पंप मालिक संजय भाटिया की सरेआम गोली मारकर हत्या कर लाखों की लूट करने वाले मुख्य आरोपियों के एक हफ्ते बाद भी पकड़ में नहीं आने को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया। जिला पुलिस पर नाकामी और निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए इन संगठनों ने कल शुक्रवार को गोल बाजार के गांधी चौक में धरना लगाने तथा बाद में जन आक्रोश रैली निकालने का फैसला किया है। संजय भाटिया हत्याकांड में पुलिस ने अभी तक चार युवकों को पकड़ा है, जो कि मुख्य आरोपी मोहित सैन और नकुल के सहयोगी मात्र हैं। मोहित और नकुल पकड़ में नहीं आ रहे। इस बड़ी घटना के बाद भी शहर में छीना-झपटी,चोरियों और गुंडागर्दी की हो रही घटनाओं पर पुलिस अंकुश लगाने में नाकाम है। कल बुधवार को सुबह से लेकर देर शाम तक शहर के विभिन्न इलाकों में महिलाओं से पर्स, मोबाइल फोन तथा राहगीरों से रुपए छीन ले जाने की चार घटनाएं एक के बाद एक हुईं। आज एक पुलिस के एएसआई का मोटरसाइकिल चोरी हो जाने का भी मामला सामने आया।
आज धरना और जन आक्रोश रैली
सुखाड़ियानगर मार्ग पर एक भवन में आज शहर के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक हुई, इसमें दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मवीर डूडेजा, अरोडवंश समाज के प्रतिष्ठित और बुजुर्ग नागरिक सूरजभान सरदाना, नगर परिषद के उपसभापति लोकेश मनचंदा, रोटरी क्लब के सचिव हरीश भाटिया, जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आशुतोष गुप्ता, बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जसवीर सिंह मिशन,दुर्गा मंदिर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र चौधरी, पार्षद अमरजीतसिंह गिल, होकर यूनियन के छगन बलाना, पूर्व पार्षद पंकज नागपाल, अरोडवंश ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष रमेश मक्कड़, कपड़ा यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रामप्रकाश मिड्डा, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकर, खाद बीज एसोसिएशन के नानकचंद मंगवाना, क्रिम्सन होटल के प्रबंधक सुदेश पाहुजा, समाजसेवी जवाहरलाल आहूजा, पार्षद पवन माटा, पंडित विनोद शास्त्री, पूर्व सरपंच सुरेंद्र पारीक, राधेश्याम आहूजा, रामस्वरूप, राजेश सिडाना,राजेंद्र छाबड़ा, अमरजीतसिंह कोहली, प्रधान छिंदरसिंह चन्नी, सुरेंद्र नरूला,ललित पाहुजा, खत्री सभा के सुरेंद्र कुमार खत्री और डॉ. दर्शन आहूजा सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए। शहर में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।कल शुक्रवार को गांधी चौक में धरना लगाने के बाद मुख्य मार्गों पर जन आक्रोश रैली निकालने का निर्णय किया।
पुलिस के साथ नगर परिषद भी दोषी!
बढ़ती आपराधिक वारदातों के अपराधियों के पकड़ में नहीं आने और इससे उनके बढ़ रहे हौंसलों के लिए पुलिस की निष्क्रियता और लापरवाही के साथ नगर परिषद भी बराबर की दोषी है। अभय कमांड सेंटर के अधीन शहर में करीब 500 कैमरे लगाया जाना प्रस्तावित है। तीन वर्ष बाद भी अभी तक लगभग 300 कैमरे भी नहीं लगे हैं। जो लगे हैं उनमें से 164 कैमरे कई दिनों से खराब पड़े हैं। कुछ ही कैमरे आॅनलाइन अभय कमांड सेंटर से जुड़े हुए हैं। बाकी कैमरा में रिकॉर्डिंग के लिए एसडी कार्ड लगाए हुए हैं। अभय कमांड सेंटर अगस्त 2018 में शुरू किया गया था। वारदात होने पर पुलिस को प्राइवेट तौर पर लगे कैमरों की फुटेज पर निर्भर रहना पड़ता है। शाम होने के बाद कोई वारदात हो जाए तो अपराधी बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं, क्योंकि नगर परिषद की बदौलत शहर की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। मुख्य मार्गों पर भी रात को लाइटें बंद रहती हैं। लिहाजा सीसीटीवी कैमरों में अंधेरा की वजह से कुछ भी दिखाई नहीं देता। पुलिस अधिकारी ने तो संबंधित कंपनी से सभी कैमरे लगवाने का लक्ष्यपूरा करवा रहे हैं और ना ही खराब पड़े कैमरे ठीक नहीं करवा रहे। कैमरे लगाने और चालू रखने का काम एक प्राइवेट कंपनी को दिया हुआ है। इस कंपनी के कर्मचारी श्रीगंगानगर में ही रहते हैं। पुलिस के अधिकारी न जाने क्यों इस कंपनी पर मेहरबान हैं। स्ट्रीट लाइटें भी नगर परिषद ने प्राइवेट कंपनी से लगवाई हैं। इन को चालू रखने का जिम्मा भी प्राइवेट कंपनी के पास है। बावजूद इसके प्राइवेट कंपनी से नगर परिषद पूरा काम नहीं ले रही। स्ट्रीट लाइटों की बिजली का खर्च शहरवासी अदा करते हैं। प्रत्येक महीने करोड़ों रुपए नागरिकों से स्ट्रीट लाइट के खर्चे के लिए जाते हैं। फिर भी लाइटें बंद रहती हैं।लिहाजा पुलिस के साथ नगर परिषद भी बराबर की जिम्मेवार है।
टल सकती थी लूटपाट-हत्या
पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में मोहित सैन को गिरफ्तार कर लिया होता और वह जेल में होता तो शायद पेट्रोल पंप मालिक संजय भाटिया की लूट के लिए हत्या की घटना नहीं होती! पुरानी आबादी निवासी मोहित सैन हत्या के प्रयास के एक मामले में सात महीने से वांछित था। वह शहर में ही घूम कर रहा था, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया। अगर गिरफ्तार कर लिया होता और वह न्यायिक हिरासत में होता तो संजय भाटिया के साथ यह घटना होती ही नहीं।पुलिस सूत्रों के मुताबिक विगत गुरुवार की रात जब श्री भाटिया पेट्रोल पंप से मुखर्जी नगर अपने घर पहुंचे और कार से उतर रहे थे, तब रुपयों का बैग छीनने का विरोध करने पर मोहित सैन ने ही उन पर गोली चलाई थी, जो माथे में लगी। चार दिन बाद गत सोमवार को संजय भाटिया की मौत हो गई। मोहित सेन के साथ नकुल भी फरार है। वह भी मुख्य आरोपी है।अभी तक जिन चार युवकों को पुलिस ने पकड़ा है,उन्होंने संजय भाटिया की रैकी करने सहित मुख्य आरोपियों का सहयोग मात्र किया है। इस वारदात में सिर्फ सहयोगी ही पकड़े गए हैं।
चिराग तले अंधेरा!
पंजाब और हरियाणा के खतरनाक अपराधी श्रीगंगानगर में आकर शरण ले रहे हैं। स्थानीय पुलिस का खुफिया तंत्र और बीट कांस्टेबल सिस्टम पूरी तरह से ठप है। बाहरी अपराधियों द्वारा वारदात कर भाग जाने अथवा लंबे समय तक इस इलाके में शरण लेने की स्थानीय पुलिस को जरा भी भनक नहीं लग पाती। हरियाणा पुलिस के एक दल द्वारा स्थानीय पुरानी आबादी थाना के बिल्कुल पीछे कोचर हॉस्पिटल के नजदीक एक हिस्ट्रीशीटर कुलदीप शर्मा के यहां दबिश दिए जाने के बाद हरियाणा के ही एक कुख्यात गैंगस्टर राममेहर उर्फ धौलू चौधरी के चार बदमाशों के अवैध हथियारों सहित पकड़े जाने से ही स्पष्ट हो रहा है कि यहां की पुलिस गाफिल है।चिराग तले अंधेरे की मिसाल कायम हो रही है।पुरानी आबादी थाना के पीछे हिस्ट्रीशीटर कुलदीप शर्मा के घर में टिके हरियाणा के चार बदमाश हरियाणा पुलिस की बदौलत ही पकड़ में आए हैं। विगत सोमवार को हांसी हिसार (हरियाणा) के गैंगस्टर राममेहर उर्फ गोलू चौधरी के हरियाणा पुलिस द्वारा ही पकड़े जाने के बाद वहां की पुलिस ने यहां पुरानी आबादी थाना के पीछे कुलदीप शर्मा के घर पर दबिश दी थी। तत्पश्चात चार बदमाशों कपिल उर्फ बीड़ा जाखड़( 21) हुमायूंपुर झज्जर,अमन उर्फ कुल्फी (19) राहुल भारद्वाज (19) गजेंद्रसिंह (20) निवासी भाकली, रेवाड़ी (हरियाणा) को चार पिस्तौल और सात कारतूस सहित गिरफ्तार किया गया। कुलदीप शर्मा को इन बदमाशों को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।पुलिस के मुताबिक कुलदीप और धौलू की जेल में रहते हुए आपस में मुलाकात हुई थी। पकड़े गए चारों बदमाशों ने पूछताछ में कबूल किया है कि गोलू ने उन्हें हथियार देकर कुलदीप के पास भेजा था। धौलू ने श्रीगंगानगर में फायरिंग की एक और वारदात करवानी थी। यह वारदात सफलतापूर्वक करने के बाद यह हथियार धौलू ने आधी कीमत पर उनको देने थे।
बीट सिस्टम और खुफिया तंत्र नकारा
कुलदीप शर्मा का मकान पुरानी आबादी थाना के साथ लगती सुभाष मार्केट के पीछे कोचर हॉस्पिटल के पास है। उसके यहां बाहर से आकर बदमाशों के ठहरने और पुलिस को भनक नहीं लगना दशार्ता है कि बीट कॉन्स्टेबलट सिस्टम और खुफिया तंत्र बिल्कुल नकारा हो चुका है। थाने में एक कर्मी को आसूचना अधिकारी भी होता है। चार बदमाशों सहित हिस्ट्रीशीटर के पकड़े जाने के संबंध में दर्ज किए गए मुकदमे में पुलिस ने खुद अंकित किया है कि हरियाणा पुलिस कुलदीप के घर पर दबिश दे चुकी थी।याद रहे कि विगत 25 जून की सुबह जवाहरनगर थाना क्षेत्र में सुखाड़िया नगर के सेक्टर नंबर-1 में एडवोकेट अरुण जैन के घर पर धौलू चौधरी ने दो करोड़ आठ लाख की रकम वसूली के लिए अपने बदमाशों से फायरिंग करवाई थी। तब से वह वांछित था। स्थानीय पुलिस ने इस घटना में अभी तक 7-8 युवकों को गिरफ्तार किया है। वांछित धौलू को भी स्थानीय पुलिस नहीं पकड़ पाई। उसे विगत मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने ही पकड़ा। उसके साथ पकड़े गए ओमप्रकाश अग्रवाल उर्फ बिट्टू निवासी शंकर कॉलोनी को जवाहरनगर पुलिस के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने इसी फायरिंग मारने में धौलू चौधरी गिरोह से रकम वसूली की डील करवाने का आरोपी स्थानीय अनाज मंडी के एक कारोबारी युवक निशांत बजाज भी गिरफ्त में आ गया। धौलू के पकड़े जाने पर ही उसके चार बदमाशों के श्रीगंगानगर में ही एक हिस्ट्रीशीटर के पास शरण लिए होने का खुलासा हुआ। धौलू गिरोह के 4 बदमाशों और उस से संबंध रखने वाले तीन युवकों को पकड़ना स्थानीय पुलिस इस प्रकार पेश कर रही है कि जैसे उसी ने ही सारी सूचनाएं जुटाईं तथा भागदौड़ कर इन्हें काबू किया।
पूर्व मंत्री राधेश्याम ने भाटिया समाज के सक्रिय सदस्य पेट्रोल पंप व्यवसाई संजय भाटिया की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि संजय भाटिया के पिता मदनलाल भाटिया उनके करीबी मित्र थे। लंबे समय तक भाटिया परिवार ने बिरादरी व इलाके की सेवा की है। लूट के लिए संजय भाटिया की हत्या किया जाने घटना ने उन्हें हिला कर रख दिया है। श्रीगंगानगर इलाके को कुछ लोगों ने गुंडानगर बना कर रख दिया है।अपराध करने वालों को राजनीतिक संरक्षण से भी इनकार नहीं किया जा सकता। गत दो- ढाई साल में शहर में प्रमुख व्यक्तियों से मारपीट, छीना-झपटी,खुलेआम फायरिंग ने आतंक का वातावरण पैदा कर दिया है। लोग इतने भयभीत वे डरे हुए हैं कि वे बढ़ती गुंडागर्दी और हत्या का प्रभावी विरोध करने की स्थिति में भी नहीं हैं। इससे यह स्पष्ट एहसास होता है आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं। पूर्व मंत्री के अनुसार अस्वस्थ होने व चलने-फिरने में वे लाचार हो गए हैं,लेकिन समाचार पत्रों के माध्यम से और हाल-चाल पूछने आने वालों से उन्हें सारी स्थितियों का पता चल रहा है। यदि लोग इस तरह की घटनाओं का सामूहिक रूप से प्रभावी रूप से विरोध नहीं करेंगे और कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन-शासन पर दबाव नहीं बनाएंगे,तो गुंडे ऐसे ही पनपते रहेंगे।अगला नंबर किसी और व्यापारी या दुकानदार का होगा। राधेश्याम ने कहा है कि बढ़ती गुंडागर्दी का इलाके के लोगों को एकजुट होकर विरोध करना चाहिए। अन्यथा गुंडों के हौसले बढ़ जाएंगे।आम आदमी का जीना मुश्किल हो जाएगा।इलाके को गुंडों की शरणस्थली बनने से रोकने के लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। पूर्व मंत्री के अनुसार वे इस संबंध में सीएम को भी पत्र लिखा है।

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