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वोडाफोन आइडिया की दिक्कत बढ़ी:कंपनी फेल हुई तो सरकार को 1.60 लाख करोड़ रुपए का घाटा होगा, यस बैंक, इंडसइंड बैंक भी फंसे

मुंबई

टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया अगर बंद हो गई तो इसका सबसे बड़ा घाटा सरकार को होगा। सरकार को इससे 1.60 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। वोडाफोन आइडिया पर कुल 1.80 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है।

सरकारी और निजी बैंकों का है कर्ज

वोडाफोन आइडिया पर जो कर्ज है, उसमें सरकारी और निजी दोनों बैंक हैं। इन सभी का कुल 35 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। इसके अलावा नॉन कनवर्टिबल डिबेंचर (NCD) का 7,500 करोड़ रुपए का कर्ज है। यह इसी वित्त वर्ष में मैच्योर होगा और निवेशकों को पैसा देना होगा। यानी कंपनी ने यह बांड जारी कर निवेशकों से पैसा जुटाया था।

96,300 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम का बकाया है

सरकार का जो बकाया वोडाफोन आइडिया पर है, उसमें 96,300 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम का पेमेंट है। 61,000 करोड़ रुपए का एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) है। इसके अलावा बैंकों का 23,100 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें काफी पैसा सरकारी बैंकों का है जो सरकार के हिस्से में आएगा। इसके अलावा हजारों करोड़ रुपए की बैंक गारंटी भी है। साथ ही AGR, स्पेक्ट्रम और बैंक के लोन पर ब्याज अलग से बकाया है। मार्च तक वोडाफोन आइडिया के पास केवल 350 करोड़ रुपए का कैश बैलेंस था।

SBI का 11,000 करोड़ रुपए का बकाया

वोडाफोन आइडिया पर प्रमुख बैंकों का बकाया देखें तो देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का 11 हजार करोड़ रुपए का बकाया है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का 3 हजार करोड़ रुपए है। निजी बैंकों में यस बैंक का 4 हजार करोड़ रुपए, IDFC फर्स्ट बैंक का 3,240 करोड़ रुपए और इंडसइंड बैंक का 3,500 करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है।

बैंक अभी देखो और इंतजार करो की नीति अपना रहे हैं

हालांकि बैंकों का कहना है कि वे इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी तक वोडाफोन आइडिया की ओर से ऐसा कुछ नहीं आया है जिससे उनको अतिरिक्त पैसे का प्रोविजन करना पड़े। वोडाफोन आइडिया अभी तक बैंकों के किसी पेमेंट पर फेल नहीं हुई हैं। अगर वोडाफोन आइडिया फेल होती है तो सरकार को कॉर्पोरेट के मामले में यह सबसे बड़ा झटका लग सकता है। बैंकों का पैसा जोड़ दें तो सरकार को इससे ज्यादा घाटा हो सकता है। वोडाफोन पर कुल कर्ज का 70% कर्ज सरकारी बैंकों का है।

तीन साल में 13.20 करोड़ ग्राहक घटे

वोडाफोन को लगातार झटका लग रहा है। एक तो इसके ग्राहक घट कर 26.8 करोड़ पर आ गए हैं। 2018 में इसके 40 करोड़ ग्राहक थे। यानी 3 सालों में इसके 13.20 करोड़ ग्राहक घट गए हैं। दूसरे चौथी तिमाही में इसकी प्रति ग्राहक कमाई 12% घट कर 107 रुपए हो गई है। जियो की कमाई 138 और एयरटेल की 145 रुपए प्रति ग्राहक है। वोडाफोन को बने रहने के लिए प्रति ग्राहक 200 रुपए की कमाई करनी होगी।

मार्च तिमाही में 7 हजार करोड़ का घाटा

वोडाफोन को मार्च तिमाही में 7 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। कंपनी लगातार 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने की कोशिश कर रही है। पर इसका घाटा और ग्राहकों की घट रही संख्या से निवेशक इसमें पैसे लगाने से कतरा रहे हैं। पिछले दिनों कंपनी का शेयर 24% तक गिर गया था। हालांकि सरकार द्वारा रेट्रो टैक्स वापस लेने से दो दिनों में शेयरों में 44% की बढ़त हुई थी। रेट्रो टैक्स से वोडाफोन को 7 हजार करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है।

रेट्रो टैक्स 2012 में लागू किया गया था और इसके जरिए पुराने कारोबार पर सरकार ने टैक्स लगाई थी। वोडाफोन को इस साल के दिसंबर से लेकर अगले साल अप्रैल तक 22,500 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम और AGR के रूप में चुकाने होंगे।

बैंकों ने बचाने के लिए दी सलाह

पिछले दिनों डिपॉर्टमेंट ऑफ टेलिकॉम (डीओटी) के साथ बैंकों की मीटिंग हुई थी। उसमे बैंकों ने वोडाफोन आइडिया को बचाने की राय दी थी। क्योंकि अगर कंपनी फेल हुई तो बैंकों के साथ सरकार को भी घाटा होगा। वोडाफोन आइडिया में बिरला ग्रुप की 27.66% हिस्सेदारी है जबकि यूके की वोडाफोन की 44.39%हिस्सेदारी है। बाकी की हिस्सेदारी जनता के पास है।

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