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पायलट की बगावत के एक साल पूरे…:सुलह कमेटी बनी लेकिन न रिपोर्ट का पता न मांगे पूरी हुई; पायलट खुद चुप, समर्थक बोले-पंजाब की तर्ज पर हो एक्शन, खींचतान बढ़ने के आसार

जयपुर

सचिन पायलट खेमे की बगावत के बाद सुलह हुए आज एक साल पूरा हो गया। पायलट कैंप अब भी मुद्दों के समाधान का इंतजार कर रहा है। पायलट कैंप से सुलह के लिए तीन नेताओं की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी बनने के साल भर बाद भी न रिपोर्ट का पता है और न एक्शन का। लंबा समय बीत जाने के बाद भी मांगों के पूरा नहीं होने पर अब नाराजगी बढ़ रही है। पायलट समर्थक विधायक और नेता पंजाब की तर्ज पर राजस्थान में भी तत्काल एक्शन चाहते हैं। आगे खींचतान बढ़ने के आसार हैं।

पायलट कैंप के विधायक और समर्थक उनकी सरकार में नहीं सुने जाने और उपेक्षा का आरोप लगा चुके हैं। सचिन पायलट खुद चुप हैं, लेकिन उनके समर्थक अंदरखाने नाराज हैं। पायलट समर्थकों ने एक बार फिर सुलह के वक्त तय हुए मुद्दों का तुरंत समाधान करने की मांग उठाई है। पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन से सचिन पायलट ने मुलाकात की थी। विधानसभा में 28-29 जुलाई को फीडबैक में पायलट समर्थक विधायकों ने अपनी बात रखी थी। सचिन पायलट कैंप मंत्रिमंडल में 6 से ज्यादा समर्थक विधायकों की एंट्री चाहता है। राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन में भी बराबर की हिस्सेदारी की मांग है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शेयरिंग पैटर्न पर सहमत नहीं हैं। इसी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार अटका हुआ है। इससे पायलट समर्थक नाराज चल रहे हैं। समर्थकों ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर राजस्थान में भी एक्शन होना चाहिए।

मुकेश भाकर बोले- हमने पार्टी हित में मांगें रखीं थीं, उन्हें जल्द पूरा करना पार्टी के हित में

पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि सचिन पायलट साल भर से विधायक के तौर पर काम कर रहे हैं। पार्टी को उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहिए। साल भर पहले हमारी मांगों के समाधान के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट आनी चाहिए। उसके हिसाब से मांगों का समाधान करना चाहिए। हम सब कांग्रेस की मजबूती के लिए काम कर रहे हैं। फैसले लेने में देरी से पार्टी का ही नुकसान होता है। हम चाहते हैं कि पार्टी फिर से राजस्थान की सत्ता में आए। पार्टी हित में हमने कमेटी के सामने अपने सुझाव और मांगें रखी थीं। उन्हें जल्द पूरा करना चाहिए।

इंद्राज गुर्जर बोले- राजनीति में वक्त पर फैसले लेने जरूरी, कमेटी के सामने रखे मुद्दों का समाधान हो

पायलट समर्थक कांग्रेस विधायक इंद्राज गुर्जर ने कहा कि साल भर पहले कमेटी बनी थी, उसके सामने रखी हुई मांगों को अब अविलंब पूरा करने का वक्त आ गया है। जिन पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विपक्ष में रहते हुए संघर्ष किया, हमने उनके मान सम्मान की बात उठाई थी। पार्टी को मजबूत करने के सुझाव दिए थे। उन पर अब तत्काल एक्शन लेने का वक्त आ गया है। राजनीति में वक्त पर फैसले बहुत जरूरी है, हमारा हाईकमान से भी फिर आग्रह है कि वे जल्द हमारे उठाए मुद्दों का पंजाब की तर्ज पर जल्द समाधान करें।

10 अगस्त 2020 को कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पायलट कैंप की मांगों पर कमेटी बनाने को लेकर यह प्रेस नोट जारी किया था

वेणुगोपाल ने 10 अगस्त 2020 को सुलह कमेटी बनाने की घोषणा की

पिछले साल 10 अगस्त को रात 8 बजे कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लिखित बयान जारी किया था। जिसमें सचिन पायलट से सुलह होने, उनके और समर्थकों की मांगों पर विचार करने के लिए तीन नेताओं की कमेटी बनाने की घोषणा की गई थी। सुलह कमेटी में उस समय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रभारी अजय माकन और अहमद पटेल को शामिल किया गया। अहमद पटेल का निधन हो चुका है। इस कमेटी के सामने पायलट समर्थक अपनी मांगें रख चुके हैं, लेकिन अब मांगें पूरी नहीं हुई हैं।

34 दिन अलग बाड़ेबंदी में रहे थे गहलोत-पायलट खेमों के विधायक

सीएम अशोक गहलोत की कार्यप्रणाली से नाराज होकर सचिन पायलट ने 18 विधायकों के साथ पिछले साल 11 जुलाई को बगावत की थी। बगावत के बाद 34 दिन तक सरकार के मंत्री और समर्थक विधायक जयपुर और जैसलमेर के होटलों में बाड़ेबंदी में रहे थे। 10 अगस्त 2020 को पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ प्रियंका गांधी से मिले थे। इससे पहले राहुल गांधी से भी उनकी मुलाकात हुई थी। सुलह में प्रियंका गांधी की बड़ी भूमिका रही थी।

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