बीकानेर. कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते सरकार प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में लगी है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर से सबक लेते हुए एसपी मेडिकल कॉलेज एवं पीबीएम अस्पताल प्रशासन पिछले दो महीनों से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। पीबीएम में अब तक नौ प्लांट लग चुके हैं, जिसमें से चार चालू हो चुके हैं और पांच का इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है। इन सभी प्लांट पर तकरीबन सवा ग्यारह करोड़ रुपए का खर्च होंगे। यह सभी प्लांट तैयार हो जाए तो पीबीएम अस्पताल में हर दिन ११६७ सिलेंडर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। पीबीएम में वर्तमान स्थिति में चार प्लांट चालू हैं। सात प्लांट अभी चालू होने है जबकि अगस्त व सितंबर में तीसरी लहर के आने की आशंका जताई जा रही है।
1500बेड की तैयारी
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए एसपी मेडिकल कॉलेज एवं जिला प्रशासन एमसीएच विंग, डी वार्ड एवं एसएसबी में करीब एक हजार बेड की तैयारी कर रहा है। एमसीएच विंग में ५०० बेड, एसएसबी में २५० बेड, पीबीएम में ८०० बेड़ शामिल हैं। इनमें से २२५ आइसीयू बेड होंगे। इनमें से ४० बेड नवजात बच्चों का आइसीयू व ४० बेड ही बड़े बच्चों के आइसीयू के लिए निर्धारित किए गए हैं।
दूसरी लहर में हालात हुई थी खराब
दूसरी लहर में पीबीएम के एमसीएच विंग में ३०० से अधिक मरीज भर्ती हो गए। डी वार्ड सहित एच, आइ, जे व के वार्ड में भी निमोनिया के मरीजों को भर्ती करना पड़ा। पीबीएम में कोविड व नॉन कोविड मरीजों के लिए हर दिन २१०० सिलेंडरों की जरूरत पडऩे लगी। ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए कड़े कदम उठाने पड़े। ऑक्सीजन सप्लाई को जिला प्रशासन को अपने हाथों में लेना पड़ा।
पूरी है तैयारी
कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर इस बार १५०० बेड की तैयारी की गई है। ऑक्सीजन जनरेशन के तीन प्लांट चालू है और छह प्लांट इसी पखवाड़े में शुरू हो जाएंगे। सरकार से लाखों के उपकरण मिले हैं। मरीजों को बेहतर उपचार व सुविधाएं देने की पूरी तैयारी है।
डॉ. परमेन्द्र सिरोही, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल