उदयपुर
लेकसिटी उदयपुर देश-दुनिया में अपनी वीरता से भरे इतिहास और ऐतिहासिक महलों के लिए पहचाना जाता है। उदयपुर संभाग का सबसे ऊंचा और सुंदर झरना केलेश्वर है। यह एक मात्र ऐसा झरना है, जहां प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंध है। यहां किसी भी तरह के नशीले पदार्थ को ले जाना भी मना है। यहां जाने से पहले सामान और बैग की चेकिंग होती है।

उदयपुर संभाग का सबसे ऊंचा केलेश्वर झरना।
उदयपुर से 40 किलोमीटर दूर केली पर्वत की पहाड़ियों में केलेश्वर झरना है। कुछ सालों पहले यहां रहने वाले एक संत ने इसे सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए प्लास्टिक लाने की परंपरा शुरू की थी। इस झरने से पहले एक केलेश्वर महादेव नाम का मंदिर भी है। मंदिर में सामान और बैग की चेकिंग होती थी। यदि प्लास्टिक या शराब के अलावा कोई भी ऐसी चीज मिलती है तो उसे वहीं से लौटा दिया जाता था। संत ने ग्रामीणों को इस मुहिम से जोड़ा। हालांकि अब वे संत यहां नहीं है, लेकिन यहां रहने वाले ग्रामीण इस जगह की स्वच्छता का ध्यान रखते हैं।
150 फीट की ऊंचाई से गिरता है झरना
उदयपुर में अरावली की चमकती चट्टानों के बीच से होता हुआ यह झरना लगभग डेढ़ सौ फीट की ऊंचाई से गिरता है। झरना केलेश्वर महादेव के मंदिर का अभिषेक करता है। इस जगह पर आकर प्रकृति और ईश्वर दोनों का आशीर्वाद लिया जा सकता है। यहां बड़ी संख्या में साधु संत तपस्या और साधना करने पहुंचते हैं।
पथरीले रास्ते और घने जंगलों के बीच ड्रोन उड़ाना खतरे से खाली नहीं
यह जगह अब भी कई लोगों के लिए अंजान बनी हुई है। यहां तक पहुंचने के लिए करीब 40 मिनट का लंबा पैदल सफर तय करना होता है। पथरीले रास्ते और घने जंगलों के बीच जंगली-जानवरों का डर भी रहता है।