भारत ने लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड को 151 रन से हराकर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम को अब सीरीज जीतने का दावेदार बताया जा रहा है। हालांकि, यहां भारतीय टीम को 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ इंग्लैंड में ही हुई सीरीज को याद रखना होगा। तब आखिरी तीन टेस्ट मैचों में अंग्रेजों ने जोरदार वापसी की थी।
तब भी पहला टेस्ट ड्रॉ रहा और दूसरे में टीम इंडिया जीती थी
2014 में भी भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी। इस बार की तरह तब भी ट्रेंट ब्रिज (नॉिटंघम) में खेला गया पहला मैच ड्रॉ रहा था। दूसरा टेस्ट लॉर्ड्स में हुआ था जहां भारत ने 95 रनों से जीत हासिल की थी। अजिंक्य रहाणे ने शतक जमाया था। भुवनेश्वर कुमार ने इंग्लैंड की पहली पारी में 6 विकेट तो इशांत शर्मा ने दूसरी पारी में 7 विकेट लिए थे।
इसके बाद इंग्लैंड ने नहीं दिया मौका
2014 में खेली गई सीरीज में दो टेस्ट के बाद 0-2 से पिछड़ने पर इंग्लैंड की टीम ने जोरदार वापसी की। साउथैम्पटन में खेले गए तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने 266 रन से जीत दर्ज कर 1-1 से बराबरी की। इसके बाद ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) और ओवल में इंग्लैंड ने पारी के अंतर से जीत हासिल की और सीरीज को 3-1 से अपने नाम कर लिया।
जो रूट ने बनाए थे 500 से ज्यादा रन
2014 में हुई सीरीज में भी भारतीय गेंदबाजों के लिए जो रूट को आउट करना काफी मुश्किल साबित हुआ। रूट ने 5 टेस्ट की 7 पारियों में 2 बार नॉटआउट रहते हुए 518 रन बनाए थे। इसमें 2 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे। तब रूट का औसत 103.60 का रहा था। उनके अलावा गैरी बैलेंस (5 टेस्ट में 503 रन) और एलेस्टेयर कुक (5 टेस्ट में 298 रन) ने भी कुछ पारियों में भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया।
जेम्स एंडरसन रहे थे टॉप विकेट टेकर
जेम्स एंडरसन इस सीरीज में दो टेस्ट में 9 विकेट ले चुके हैं। 2014 में भी वे शानदार फॉर्म में थे। तब उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में 20.60 की औसत से 25 विकेट लिए थे। मोइन अली की सफलता हैरान करने वाली थी। भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के खिलाफ अच्छा माना जाता था। इसके बावजूद मोइन ने 5 टेस्ट में 19 विकेट लिए थे।