बीकानेर.
भारतीय राष्ट्रीय ऑटो ड्राइवर यूनियन (इंटक) के तत्वावधान में राज्य सरकार की निजीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों का जमकर विरोध किया गया।
इंटक के राष्ट्रीय सचिव हेमन्त किराडू ने बताया कि राज्य सरकार भी केन्द्र सरकार के पदचिन्हों पर चल रही है। परिवहन विभाग ने वाहनों की फिटनेस सेंटर के काम को निजी हाथों में सौंपकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झालने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी फिटनेस सेंटरों पर वाहनों के नहीं ले जाने पर भी गाडिय़ों के फिटनेस सर्टिफिकेट मिल रहे हैं।
वहीं प्रत्येक फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के लिए निर्धारित फीस से कई गुणा अधिक फीस वाहन चालकों को चुकानी पड़ रही है। किराडू ने बताया कि राज्य सरकार ने अपना निजीकरण एजेंडे को नहीं बदला तो आगामी दिनों में प्रदर्शन को और उग्र किया जाएगा। बुधवार को किराडू के नेतृत्व में विभिन्न वाहन यूनियन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट के आगे प्रदर्शन कर राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में कैलाश जोशी, किशोर पारीक, सूरज मेहरा, सुभाष स्वामी, कुंदन, कुदरत अली, गणेश सोनी सहित अनेक टैक्सी संचालक भी मौजूद थे।