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खुलासा:साधना बोलीं- प्रोड्यूसर्स सुंदरता के लिए सायरा बानो को, डांस के लिए आशा पारेख को और ड्रामा के लिए मुझे करते थे साइन

‘साया’, ‘वो कौन थी’ और ‘वक्त’ जैसी हिट फिल्मों में एक्टिंग करने वाली साधना 1960 के दशक में सबसे लोकप्रिय एक्ट्रेसिस में से एक थीं। उस समय, सायरा बानो और आशा पारेख उनके दो कन्टेम्परेरी और फैन फेवरेट्स भी थे। हालांकि, साधना ने एक बार खुलासा किया था कि कैसे उनके बीच कभी कोई कॉम्पीटीशन नहीं था। वो दोस्त थीं और उनके अलग-अलग टैलेंट्स वो कारण थे जो एक-दूसरे के काम के अवसरों के बारे में चिंता किए बिना एक स्वस्थ बॉन्ड बनाए रख सकते थे।

साधना ने की थी पुराने दिनों की बात

2012 में दिए एक इंटरव्यू में, साधना ने खुलासा किया था, “हम तीन थे, सायरा बानो, आशा पारेख और मैं। अगर प्रोड्यूसर्स किसी सुंदर और सजावटी एक्ट्रेस को चाहते थे तो वो सायरा को ले लिया करते थे। अगर वो किसी डांसर को चाहते थे तो वो आशा को लेते थे, अगर वो ड्रामा चाहते थे तो वो मुझे साइन करते थे। तो वहां कोई विरोध नहीं था। आशा और मैं संपर्क में रहे। हम एक-दूसरे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हैं। लेकिन आज वहीदा (रहमान), आशा, नंदा, हेलेन और मैं नियमित रूप से लंच पर मिलते हैं। जब पांच लेडीज मिलती हैं तो हमारे पास हमेशा बात करने के लिए कुछ होता है।”

राज कपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में दिखीं थीं साधना

साधना ने 1960 में फिल्म ‘लव इन शिमला’ से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थीं। वो अपने लुक ‘साधना कट’ के लिए पॉपुलर हुईं, जिसे मूल रूप से उनके माथे को छिपाने के लिए पेश किया गया था। साधना 14 वर्ष की थीं जब राज कपूर ने ‘श्री 420’ (1955) में अपने सॉन्ग ‘मुड मुड के ना देख’ की शूटिंग के दौरान उन्हें कोरस में रखा। इसके बाद उन्होंने सिंधी फिल्म ‘अबाना’ (1958) में काम किया। उन्होंने 1966 में डायरेक्टर आर.के. नय्यर से शादी की थी। फिर उन्हें ब्रेन ट्यूमर का पता चला था, जिसके कारण 25 दिसंबर, 2015 को 74 वर्ष की आयु में उनकी मृत्यु हो गई थी।

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