महामारी की शुरुआत से ही एक्सपर्ट 20 सेकंड तक हाथ धोने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 20 सेकंड में हाथों के हर हिस्से तक साबुन पहुंचना जरूरी है, ताकि बैक्टीरिया या वायरस हाथ की सतह से छूट सके। हाल में हुई एक रिसर्च में 20 सेकंड हाथ धोने सलाह तो दी गई है लेकिन इसकी वजह अलग है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि हाथों से बैक्टीरिया और वायरस का निकलना इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी तेजी हाथों को धोते हैं और नल से आने वाले पानी का फ्लो कितना तेज है। वैज्ञानिकों ने इसे अपने मैथमेटिकल मॉडल से समझाया है।
हाथों में बैक्टीरिया या वायरस क्यों फंसे रह जाते हैं, हाथ धोने का नया तरीका क्या है और हाथों को न धोने से संक्रमण कितना फैल सकता है, जानिए इन सवालों के जवाब…
सबसे पहले जानिए, हाथों में वायरस-बैक्टीरिया अटकते क्यों है?
रिसर्च करने वाले यूके के हैमंड कंसल्टिंग ग्रुप के वैज्ञानिक पॉल हैमंड बताते हैं कि माइक्रोस्कोप से देखने पर पता चलता है कि हाथों की स्किन रफ होने के साथ लहरदार होती है। यानी इनमें गड्ढेनुमा संरचना होती है। बैक्टीरिया और वायरस इन्हीं गड्ढ़ेनुमा संरचना में फंस जाते हैं और सफाई न करने पर हाथों में बने रहते हैं। वैज्ञानिकों ने इन्हीं गड्ढों को बैक्टीरिया और वायरस का घर बताया है।
20 सेकंड तक हाथ धोने का नया तरीका क्या है, यह समझिए
रिसर्च में वैज्ञानिकों का कहना है कि बैक्टीरिया और वायरस को उनकी जगह से हटाने के जरूरी है हाथों को तेजी से रगड़ा जाए। फिर हाथों को धोने के लिए तेज धार वाले पानी का इस्तेमाल करें। तेज धार वाले पानी के बनने वाली एनर्जी के कारण बैक्टीरिया और वायरस गड्ढों में टिक नहीं पाते हैं। दबाव बढ़ने से उन्हें अपनी जगह छोड़नी पड़ती है और हाथों की सफाई हो जाती है।
वैज्ञानिकों का यह मैथमेटिकल मॉडल कहता है कि हाथों को रगड़ने की स्पीड और उस पर पड़ने वाली पानी की तेज धार ही जर्म्स को हटाने के लिए जिम्मेदार है। यह जितना ज्यादा होगा हाथ उतने कीटाणुमुक्त होंगे।
डॉ. हैमंड कहते हैं कि अगर आप हाथों को धीरे-धीरे मलेंगे तो पानी की धार के बावजूद दबाव उतना नहीं बन पाएगा कि बैक्टीरिया और वायरस अपनी जगह छोड़ सके। इसके लिए 20 सेकंड तक हाथों को तेजी से रगड़ें। फिर पानी की तेज धार के नीचे ले जाएं हाथों को एक बार फिर तेजी से रगड़ते हुए धोएं।
एक इंसान से 400 लोगों तक संक्रमण फैलने का खतरा
महामारी रोग विशेषज्ञ और गणितज्ञ एडम कुचार्स्की के मुताबिक, कोरोनावायरस एक से दूसरे इंसान में फैलता है। एक संक्रमित इंसान से 400 लोगों तक संक्रमण फैल सकता है। हाथों को धोने के लिए साबुन-पानी ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। अगर आप ऐसी जगह हैं जहां पानी-साबुन उपलब्ध नहीं है, तो अल्कोहल बेस्ड सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
बार-बार चेहरा छूने की आदत बदलें
ज्यादातर लोगों को चेहरा छूने की आदत होती है। एक रिसर्च के मुताबिक, खुद को अच्छा महसूस कराने के लिए इंसान अपना चेहरा छूते हैं। जब भी चेहरा छुएं तो टिशु पेपर का इस्तेमाल करें, आंख या नाक में खुजली होने पर भी टिशु पेपर बेहतर विकल्प है। इसे हमेशा अपनी जेब में रखें। बाहर निकलें तो चश्मा पहनें। दस्तानों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
खांसते-छींकते समय मुंह को पेपर या रूमाल से ढकें
ओहिया के फिजिशियन डॉ. विलियम पी सॉवेयर के मुताबिक, कभी भी अपने हाथ पर मत छींकें, वरना हाथों के जरिए TV रिमोट, दरवाजे के हैंडल तक संक्रमण फैल सकता है। छींकते या खांसते समय टिशु पेपर या रुमाल का प्रयोग करें। ऐसा करने के बाद इसे डस्टबिन में फेकें और हाथ को सैनेटाइजर से साफ करें।