बाड़मेर
सीमावर्ती जैसलमेर जिले में क्रिकेट ट्रॉफी में एक टीम का नाम तालिबानी क्लब रखने पर अब विवाद बढ़ता जा रहा है। बाड़मेर दौरे पर आए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने इस मामले में आयोजकों व समर्थकों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भारत में ऐसे लोग भी बैठे हैं जो तालिबानी समर्थक हैं। देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं। दरअसल, केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी मंगलवार को बाड़मेर आए थे, यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि तालिबानी समर्थकों के लिए देश में कोई जगह नहीं है, इनके दिन जल्द ही लदने वाले हैं।
जैसलमेर के जेसूराना गांव में हर साल यह अलादीन खान स्मृति क्रिकेट ट्रॉफी आयोजित की जाती है। इसमें आसपास के गांवों की टीम हिस्सा लेती हैं। समाजसेवी अलादीन खान की स्मृति में क्रिकेट प्रतियोगिता का 22 अगस्त से आयोजन किया जा रहा है। इसमें 10 टीमें खेल रही हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमीन खान ने रविवार को ही उद्घाटन किया था। इस ट्रॉफी में तालिबान क्लब नाम की टीम भी शामिल हुई और टीम का एक मैच भी हो गया था। इसके बाद ट्रॉफी विवादों में घिर गई। हर साल होने वाली प्रतियोगिता की इस बार शुरूआत होते ही तालिबान नाम की टीम की एंट्री से विवाद हो गया। जब मामला केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के पास पहुंचा तो उन्होंने कहा कि तालिबान में लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है यह सबको पता है। ऐसे लोगों का इस देश में कोई स्थान नहीं है, जो तालिबान के समर्थन की बात करते हैं।
भारत लगातार कर रहा है प्रयास:चौधरी
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने बातचीत के दौरान कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान की क्रूरता का आलम हम सब देख रहे हैं। हालात ये हैं कि वहां कोई रहना भी पंसद नहीं कर रहा है। लोग सबकुछ छोड़कर दूसरे देशों में जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत ने सबसे पहले संज्ञान लेते हुए फ्लाइट भेजी। भारतीय लोगों को वहां से सुरक्षित लेकर भी आए हैं। सबसे पहले अगर किसी का प्लेन पहुंचा तो वह इंडिया का था। भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि जो भी भारतीय वहां पर हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस लाया जाए। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगर कोई वहां पर फंसा हुआ है तो उसे अपने हाल पर नहीं छोड़ा जाएगा, उसे वापस भारत लाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों को मांगनी पड़ी थी माफी
उल्लेखनीय है कि जैसलमेर क्रिकेट ट्रॉफी में तालिबान नाम की टीम शामिल होने के बाद लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। बीजेपी से लेकर विभिन्न हिन्दू संगठन विरोध कर रहे हैं। आयोजकों ने इस तालिबान क्लब का एक मैच तक करा दिया और वह टीम जीत भी गई। अपने पेज पर उन्होंने स्कोर भी शो कर दिया। जब लोगों तक यह बात पहुंची तो आयोजकों ने टीम को बाहर कर दिया। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी।