Tuesday, September 29निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

यात्रा

सबसे ज्यादा हार्ट अटैक सोमवार को पड़ते हैं, दिल का टूटना जुमला नहीं बीमारी है

सबसे ज्यादा हार्ट अटैक सोमवार को पड़ते हैं, दिल का टूटना जुमला नहीं बीमारी है

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिसर्च कहती है, हार्ट अटैक के सबसे ज्यादा मामले सोमवार को सामने आते हैं। सर्दियों में हार्ट अटैक की शुरुआत क्रिसमस से होती है। इतना ही नहीं, महिलाओं का दिल पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मेहनत करता है, क्योंकि ये ज्यादा धड़कता है।
प्रेग्नेंसी में पैरासिटामॉल लेने से बचें, बच्चे के डेवलपमेंट पर बुरा असर पड़ सकता है; इनके सोचने-समझने की क्षमता और आईक्यू घट सकता है

प्रेग्नेंसी में पैरासिटामॉल लेने से बचें, बच्चे के डेवलपमेंट पर बुरा असर पड़ सकता है; इनके सोचने-समझने की क्षमता और आईक्यू घट सकता है

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
प्रेग्नेंसी में बिना डॉक्टरी सलाह के पैरासिटामॉल लेने से बचें। यह कोख में पल रहे बच्चे पर बुरा असर डाल सकती है। 91 वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने अपनी रिसर्च में गर्भवती महिलाओं को अलर्ट किया है। इससे पहले हुई रिसर्च में भी यह सामने आया है कि ऐसी माओं के बच्चों में ऑटिज्म, हायपर एक्टिविटी डिसऑर्डर, लड़कियों में भाषा का धीरे सीख पाना और आईक्यू लेवल कम होने के बीच कनेक्शन मिला है। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम ने पैरासिटामॉल और प्रेग्नेंसी से जुड़े अध्ययनों का रिव्यू किया। इसमें सामने आया कि प्रेग्नेंट महिलाओं को डॉक्टर के कहने पर ही पेनकिलर पैरासिटामॉल लेनी चाहिए, वरना होने वाले बच्चे पर कई तरह से बुरा असर पड़ सकता है। प्रेग्नेंसी में दवा के असर को दो तरह से जांचानेचर रिव्यू एंडोक्राइनोलॉजी जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है, ब्रेन, प्रजनन और मूत्र से जुड़ी बीमारियों से पैरासिटामॉल का ...
बच्चों में कोविड के मामलों WHO का बयान:बच्चों में कोरोना के गंभीर मामले कम देखे गए और इनकी रिकवरी भी तेज रही; जल्द ही इन्हें भी मिल सकेेगी वैक्सीन

बच्चों में कोविड के मामलों WHO का बयान:बच्चों में कोरोना के गंभीर मामले कम देखे गए और इनकी रिकवरी भी तेज रही; जल्द ही इन्हें भी मिल सकेेगी वैक्सीन

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
बच्चों में कोरोना के गंभीर मामले कम देखे गए हैं और इनकी रिकवरी भी बेहतर और तेज रही है। यह बात विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कोविड पर वर्चुअल सेशन के दौरान कही। वह कहती हैं, कोरोना अभी भी खत्म नहीं हुआ है। पिछले 2 सालों में इसने जितना परेशान किया यह अब उतना बुरा असर नहीं छोड़ने वाला। बच्चों में संक्रमण के सवाल पर दिया जवाबचीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन शुक्रवार को 'महामारी के बाद प्राथमिकता और युवा भारत क्या चाहता है' विषय पर बोल रही थीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा, अपने बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए लोग बात कर रहे हैं क्योंकि 18 से अधिक उम्र वालों को वैक्सीन लगाई जा रही है। ऐसी स्थिति में आपके आसपास कम उम्र के वो बच्चे रह जाते हैं जिनका टीकाकरण नहीं हुआ। इस दौरान जब भी कम्युनिटी में वायरस सर्कुलेट होता है तो उनमे...
वजन घटाएगा ‘लव हार्मोन’:वजन घटाएगा नोज स्प्रे, इसमें मौजूद ऑक्सीटोसिन हार्मोन खाने की इच्छा पर कंट्रोल करेगा और मोटापा घटेगा; लंदन के शोधकर्ताओं का दावा

वजन घटाएगा ‘लव हार्मोन’:वजन घटाएगा नोज स्प्रे, इसमें मौजूद ऑक्सीटोसिन हार्मोन खाने की इच्छा पर कंट्रोल करेगा और मोटापा घटेगा; लंदन के शोधकर्ताओं का दावा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नाक में डालने वाले स्प्रे से मोटापा घटाया जा सकता है। यह दावा लंदन के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है। शोधकर्ताओं का कहना है, स्प्रे में मौजूद ऑक्सीटोसिन हार्मोन इंसान को अधिक खाने के बारे में सोचने से रोकता है। पिछले कुछ सालों में हुई रिसर्च में सामने आया है कि इंसानों द्वारा तैयार किया गया ऑक्सीटोसिन नाक में स्प्रे करने से कई समस्याओं में राहत मिलती है। जैसे- ऑटिज्म से जूझने वाले बच्चों के कान में कई तरह की आवाजें सुनाई देती हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे टिनिटस कहते हैं। इस स्प्रे की मदद से इसमें राहत मिलती है। इसके अलावा सेक्स की इच्छा घटने पर यह हार्मोन स्प्रे के रूप में दिया जाता है। जो असरदार साबित हुआ है। इम्पीरियल कॉलेज लंदन और किंग्सटन यूनिवर्सिटी की हालिया रिसर्च में सामने आया है कि यह भूख को भी कंट्रोल करता है। रिसर्च के दौरान खाने से जुड़ी तस्वीर दिखाने से पहले 40 महि...
गर्भवती महिलाओं को अलर्ट करने वाली खबर:महिलाओं में महामारी का तनाव भी प्रेग्नेंसी में समस्याएं पैदा कर रहा, गर्भनाल की जांच में हुई पुष्टि; इंग्लैंड के शोधकर्ताओं का दावा

गर्भवती महिलाओं को अलर्ट करने वाली खबर:महिलाओं में महामारी का तनाव भी प्रेग्नेंसी में समस्याएं पैदा कर रहा, गर्भनाल की जांच में हुई पुष्टि; इंग्लैंड के शोधकर्ताओं का दावा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
गर्भवती महिलाओं पर इंग्लैंड में हुई रिसर्च अलर्ट करने वाली है। रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है, गर्भवती महिलाओं को कोविड न होने के बावजूद भी उनकी हालत बिगड़ने का खतरा है। महामारी का तनाव उनकी प्रेग्नेंसी में समस्याएं पैदा कर सकता है। यह बात महामारी में 115 गर्भवती महिलाओं पर हुई रिसर्च में सामने आई है। 2020 में हुई गर्भनाल की जांच हुईरिसर्च के लिए शोधकर्ताओं ने 2020 में गर्भवती महिलाओं की गर्भनाल जांची। रिपोर्ट में सामने आया कि जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान कोविड हुआ था उनकी गर्भनाल में तीन गुना समस्याएं दिखीं। वहीं, संक्रमित न होने वाली महिलाओं के गर्भनाल में हुई दिक्कत के दोगुना मामले सामने आए। गर्भनाल में दिक्कत होने के मायने क्या हैं?कोख में पल रहा बच्चा मां से एक गर्भनाल के जरिए जुड़ा होता है। इस गर्भनाल के जरिए मां से ऑक्सीजन और पोषक तत्व बच्चे के हर अंग तक पहुंचत...
गर्भवती महिलाओं को अलर्ट करने वाली खबर:महिलाओं में महामारी का तनाव भी प्रेग्नेंसी में समस्याएं पैदा कर रहा, गर्भनाल की जांच में हुई पुष्टि; इंग्लैंड के शोधकर्ताओं का दावा

गर्भवती महिलाओं को अलर्ट करने वाली खबर:महिलाओं में महामारी का तनाव भी प्रेग्नेंसी में समस्याएं पैदा कर रहा, गर्भनाल की जांच में हुई पुष्टि; इंग्लैंड के शोधकर्ताओं का दावा

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
गर्भवती महिलाओं पर इंग्लैंड में हुई रिसर्च अलर्ट करने वाली है। रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है, गर्भवती महिलाओं को कोविड न होने के बावजूद भी उनकी हालत बिगड़ने का खतरा है। महामारी का तनाव उनकी प्रेग्नेंसी में समस्याएं पैदा कर सकता है। यह बात महामारी में 115 गर्भवती महिलाओं पर हुई रिसर्च में सामने आई है। 2020 में हुई गर्भनाल की जांच हुईरिसर्च के लिए शोधकर्ताओं ने 2020 में गर्भवती महिलाओं की गर्भनाल जांची। रिपोर्ट में सामने आया कि जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान कोविड हुआ था उनकी गर्भनाल में तीन गुना समस्याएं दिखीं। वहीं, संक्रमित न होने वाली महिलाओं के गर्भनाल में हुई दिक्कत के दोगुना मामले सामने आए। गर्भनाल में दिक्कत होने के मायने क्या हैं?कोख में पल रहा बच्चा मां से एक गर्भनाल के जरिए जुड़ा होता है। इस गर्भनाल के जरिए मां से ऑक्सीजन और पोषक तत्व बच्चे के हर अंग तक पहुंचत...
चीन में चौंकाने वाला मामला:22 साल के शख्स ने 10 मिनट में डेढ़ लीटर कोल्ड ड्रिंक पी, पेट में गैस बनने से धमनी फटी और लिवर डैमेज हुआ; पढ़ें पूरा मामला

चीन में चौंकाने वाला मामला:22 साल के शख्स ने 10 मिनट में डेढ़ लीटर कोल्ड ड्रिंक पी, पेट में गैस बनने से धमनी फटी और लिवर डैमेज हुआ; पढ़ें पूरा मामला

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
चीन में 22 साल के एक शख्स की 10 मिनट में 1.5 लीटर कोल्ड ड्रिंक पीने से मौत हो गई। डॉक्टर्स का कहना है लगातार बिना रुके इतनी कोल्ड ड्रिंक्स पीने से मरीज में गैस बनी और मौत हुई। मरीज की पहचान नहीं हो सकी है। यह घटना होने के 6 घंटे बाद उसे बीजिंग के चाओयेंग हॉस्पिटल ले जाया गया। भर्ती होने के समय उसका पेट फूला हुआ था और तेज दर्द हो रहा था। मरीज का कहना था, उसने तेज गर्मी से बचने के लिए कोल्ड ड्रिंक पी थी। डॉक्टर्स का कहना है, एक सांस में कोल्ड ड्रिंक पीने आंतों में गैस बन गई। गैस के दबाव के कारण धमनी फट गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आईं चौंकाने वाली बातेंमेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, जब मरीज की जांच की गई तो कई परेशानियां सामने आईं। मरीज में पहले से कोई बीमारी नहीं थी, लेकिन उसका हार्ट रेट बढ़ा हुआ था। ब्लड प्रेशर लो था और तेजी से सांस ले रहा था। सीटी स्कैन में निमेटोसिस की पुष्टि हुई...
बीमार करने वाले व्हाइट फूड:मैदा, नमक अजीनोमोटो और शक्कर कैंसर, डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ाते हैं, जानिए ये शरीर को कैसे पहुंचाते हैं नुकसान

बीमार करने वाले व्हाइट फूड:मैदा, नमक अजीनोमोटो और शक्कर कैंसर, डायबिटीज और मोटापे का खतरा बढ़ाते हैं, जानिए ये शरीर को कैसे पहुंचाते हैं नुकसान

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
स्वस्थ शरीर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कम खाना और ज्यादा शारीरिक मेहनत करना। लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है भोजन में जरूरी पोषक तत्वों का होना। बदली हुई जीवनशैली, भोजन में फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड की बढ़ी हुई मात्रा ने हमारे भोजन से पोषक तत्वों की मात्रा को कम कर दिया है। इनमें चीनी, नमक, मैदा और अजीनोमोटो जैसे पदार्थ शामिल हैं। खास बात यह है कि प्रोसेस्ड फूड में इनकी मात्रा खतरनाक स्तर तक होती है। हार्वर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, ये न केवल कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन रहे हैं। बल्कि ये उम्र को कम से कम दस साल तक कम कर सकते हैं। फूड एंड डाइटेटिक एक्सपर्ट अनुपा दास से जानिए जानिए, उन चार चीजों के बारे में जिनका ओवरयूज खतरनाक है और ये कैसे नुकसान पहुंचाते हैं। मैदा: मोटापा, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का कारण ...
खानपान से बढ़ता ग्लोबल वार्मिंग का खतरा:मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स से 57 फीसदी तक हो रहा कार्बन उत्सर्जन, अमेरिकी वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला दावा; जानिए इसके मायने क्या हैं

खानपान से बढ़ता ग्लोबल वार्मिंग का खतरा:मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स से 57 फीसदी तक हो रहा कार्बन उत्सर्जन, अमेरिकी वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला दावा; जानिए इसके मायने क्या हैं

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
कार्बन का उत्सर्जन भी ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार है। ग्लोबल वार्मिंग यानी दुनियाभर में बढ़ता तापमान। कार्बन के उत्सर्जन पर वैज्ञानिकों की नई रिसर्च चौंकाने वाली है। रिसर्च कहती है, पौधों से तैयार होने वाले खाने के मुकाबले मीट और डेयरी प्रोडक्ट दोगुना कार्बन उत्सर्जन करते हैं। जो पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है। कार्बन उत्सर्जन बढ़ने से ग्रीन हाउस गैसों का स्तर बढ़ता है, हालात ऐसे ही रहे तो गर्मी और बढ़ेगी। यह दावा अमेरिका की इलिनॉयस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं अपनी हालिया रिसर्च में किया है। रिसर्च कैसे हुई, कार्बन का ग्रीन हाउस गैस से क्या है कनेक्शन और इसके मायने क्या हैं, जानिए इन सवालों का जवाब... यह रिसर्च कैसे हुई, पहले इसे समझेंखाने की चीजों से कार्बन उत्सर्जन का सम्बंध समझने के लिए वैज्ञानिकों ने 200 देशों में रिसर्च की। इन देशों में उगने वाली 171 फसलों और जानवरों से तैयार कि...
मलेरिया का ऐसा मामला भी:अफ्रीका में ड्रग रेसिस्टेंट मलेरिया के मामले सामने आए, मरीजों पर इसकी सबसे कारगर दवा बेसअर साबित हो रही; जानिए इसके क्या मायने हैं

मलेरिया का ऐसा मामला भी:अफ्रीका में ड्रग रेसिस्टेंट मलेरिया के मामले सामने आए, मरीजों पर इसकी सबसे कारगर दवा बेसअर साबित हो रही; जानिए इसके क्या मायने हैं

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
अफ्रीका में ड्रग रेसिस्टेंट मलेरिया के मामले सामने आए हैं। यानी मलेरिया के खास तरह स्ट्रेन पर इसकी दवाएं बेअसर हो रही हैं। अफ्रीका के युगांडा में इसके प्रमाण भी मिले हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, चिंता करने वाली बात यह है कि मरीजों पर मलेरिया की वो दवा बेअसर साबित हो रही है, दुनियाभर में जिसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल इसके इलाज में किया जाता है। ड्रग रेसिसटेंट मलेरिया के मामले बढ़ते रहे तो इसकी दवाएं मलेरिया को रोकने में नाकाम साबित होंगी। कैसे पता चला मलेरिया का नया स्ट्रेन, अफ्रीका में इसका मिलना क्यों है सबसे ज्यादा खतरनाक, हर साल कितने लोग मलेरिया से दम तोड़ रहे... जानिए इन सवालों के जवाब- कैसे पता चला कि मरीज पर दवा हुई बेअसर? शोधकर्ताओं का कहना है, युगांडा में मलेरिया के जिन मरीजों का इलाज सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दवा आर्टिमीसिनिन से किया जा रहा था, उनके ब्लड सैम्पल लिए गए।...