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चीनी वैज्ञानिकों की रिसर्च:एक लाख 40 हजार साल पुरानी इंसानी खोपड़ी से वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, कहा- चौकोर आंख वाले इस ‘ड्रैगन मैन’ का इंसान की नई प्रजाति से सम्बंध

चीनी वैज्ञानिकों की रिसर्च:एक लाख 40 हजार साल पुरानी इंसानी खोपड़ी से वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, कहा- चौकोर आंख वाले इस ‘ड्रैगन मैन’ का इंसान की नई प्रजाति से सम्बंध

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पूर्वोत्तर चीन में 1930 में 1 लाख 40 हजार साल पुरानी खोपड़ी मिली थी। इसे होमो-लॉन्गी और ड्रैगन मैन का नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है, इस खोपड़ी का सम्बंध मानव की नई प्रजाति से हो सकता है। यह निएंडरथल और होमो इरेक्टस जैसी प्राचीन मानव की प्रजाति में से हमारे सबसे नजदीकी पूर्वज हो सकते हैं। इस पर चीन की हेबेई जियो यूनिवर्सिटी रिसर्च कर रही है। ये चिड़ियों का शिकार करते थेहोमो सेपियंस की तरह, ये भी स्तनधारियों और चिड़ियों का शिकार करते थे। फल और सब्जियां इकट्ठा करते थे। शायद ये मछलियां भी पकड़ते थे। जीवाश्म की जियो-केमिकल एनालिसिस से पता चला है कि यह खोपड़ी 1,46,000 साल पुरानी है। शोधकर्ताओं का कहना है, अब तक यह नहीं पता लगाया जा सका है कि हर्बिन ग्रुप के ये सदस्य कब दिखना बंद हुए। चीन में 1930 में मिली खोपड़ी। चौकोर आंखों वाला इंसानशोधकर्ताओं का कहना है, इसकी आंखें चौको...
ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों का खुलासा:20 हजार साल पहले भी कोरोना ने मचाई थी तबाही, पूर्वी एशियाई लोगों की DNA जांच में मिले सबूत; वैज्ञानिकों ने बताया, कैसे बेअसर हुआ था वायरस

ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों का खुलासा:20 हजार साल पहले भी कोरोना ने मचाई थी तबाही, पूर्वी एशियाई लोगों की DNA जांच में मिले सबूत; वैज्ञानिकों ने बताया, कैसे बेअसर हुआ था वायरस

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20 हजार साल पहले भी कोराेनावायरस ने तबाही मचाई थी। तब पूर्वी एशिया में खतरनाक वायरस का प्रकोप फैला था। यहां के पूर्वजों के DNA का विश्लेषण किया गया। जांच में DNA के प्रोटीन में इसके सबूत मिले हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि उस दौर के लोगों में वायरस के कारण DNA में जो बदलाव दिखे थे वैसे अभी कोविड-19 के कारण भी दिख रहे हैं। यह दावा अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं और क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी की रिसर्च में किया गया है। DNA में दिखे बदलाव के निशानरिसर्च के दौरान, इंसानों से जुड़े 1 हजार जीनोम प्रोजेक्ट के डाटा का इस्तेमाल किया गया। यह पता लगाने की कोशिश की गई कि इंसान के किस जीन्स में कोरोना (सार्स-कोव-2) के संक्रमण से जुड़ा प्रोटीन कोड बदला है। रिसर्च के दूसरे हिस्से में, पूर्वी एशिया लोगों के DNA की जांच रिपोर्ट को सामने रखा गया। वैज्ञानिकों ने पाया कि 20 हजार साल पहले जिस वायरस ने महामारी फैलाई वो...
बच्चों को ऐसे खिलाएं सब्जियां:बच्चों की थाली में उनकी मनपसंद सब्जियों की मात्रा दोगुनी कर दें तो वे 68 फीसदी अधिक खाते हैं, अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा

बच्चों को ऐसे खिलाएं सब्जियां:बच्चों की थाली में उनकी मनपसंद सब्जियों की मात्रा दोगुनी कर दें तो वे 68 फीसदी अधिक खाते हैं, अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा

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ज्यादातर बच्चे हरी सब्जियों से दूर भागते हैं। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया रिसर्च में बच्चों को अधिक से अधिक हरी सब्जियां खिलाने का तरीका बताया है। पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है, ट्रायल के दौरान बच्चों की थाली में ब्रॉकली और कॉर्न की मात्रा 60 से बढ़ाकर 120 ग्राम की गई। परिणाम के तौर पर सामने आया कि बच्चों ने 68 फीसदी अधिक सब्जियां खाईं। ऐसे हुई स्टडी बच्चों में खाने की मात्रा का असर देखने के लिए शोधकर्ताओं ने 67 बच्चों पर रिसर्च की। इसमें 26 लड़के और 41 लड़कियां शामिल की गईं। इनकी औसतन उम्र 3 से 5 साल थी।28 दिन तक हर हफ्ते बच्चों को लंच में ब्रॉकली और कॉर्न अलग-अलग तरह से बनाकर दिया गया। इसमें नमक और मक्खन का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ फिश स्टिक, चावल, एपल सॉस और दूध दिया गया।4 हफ्ते तक अलग-अलग तरह से 4 सब्जियां खाने के बाद उनका अनुभव पूछा गया। रिजल्ट में साम...
सीटी स्कोर 1000 से अधिक तो हार्ट अटैक का खतरा 25% ज्यादा; कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर हाई होने पर रिस्क 42% तक रहता है

सीटी स्कोर 1000 से अधिक तो हार्ट अटैक का खतरा 25% ज्यादा; कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर हाई होने पर रिस्क 42% तक रहता है

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हृदय रोग दुनियाभर में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। हर साल करीब 1.79 करोड़ लोगों की मौत हृदय रोगों से होती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन कहता है, समय-समय पर जांच और लाइफस्टाइल में बदलाव करते हैं तो इस खतरे को काफी कम किया जा सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, कुछ खास जांचों से हार्ट अटैक के खतरों का अनुमान समय से पहले लगाया जा सकता है। एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के डायरेक्टर ऑफ मेडिकल अफेयर्स डॉ. विजय डीसिल्वा से जानिए ऐसी जांचों के बारे में... सीटी स्कोर: इसे दिल का सीटी स्कैन भी कहते हैंकोरोनरी कैल्शियम स्कैन को दिल का सीटी स्कैन भी कहा जाता है। अगर कोरोनरी कैल्शियम स्कैन स्कोर 1000 से ज्यादा है तो अगले एक साल में हार्ट अटैक की आशंका 25% अधिक है। वहीं, अगर स्कोर जीरो है तो अगले पांच साल में...
बालों के सफेद होने की एक वजह तनाव भी, स्ट्रेस कम करते हैं तो बालों का पुराना रंग वापस लौट सकता है; अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा

बालों के सफेद होने की एक वजह तनाव भी, स्ट्रेस कम करते हैं तो बालों का पुराना रंग वापस लौट सकता है; अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा

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अगर आपके बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं तो तनाव से बचिए। अमेरिकी वैज्ञानिकों की नई रिसर्च कहती है, बालों के सफेद होने का एक कारण तनाव भी है। वैज्ञानिकों का दावा है, अगर तनाव लेना छोड़ देते हैं तो सफेद हुए बाल वापस काले हो सकते हैं। रिसर्च करने वाले कोलम्बिया यूनिवर्सिटी इरविंग मेडिकल सेंटर ने दावा किया है, पहली बार यह साबित हुआ है इंसानों में तनाव के कारण भी बाल सफेद होते हैं। तनाव से ऐसे सफेद होते हैं बालशोधकर्ताओं का कहना है, शरीर में मौजूद माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिकाओं का पावर हाउस कहा जाता है। तनाव लेने पर इनमें बदलाव होता है और बालों से जुड़े सैकड़ों प्रोटीन भी बदलने लगते हैं। नतीजा, बाल सफेद हो जाते हैं। उम्र के साथ इसलिए सफेद हो जाते हैं बाल बालों के अंतिम सिरे को हेयर फॉलिकल कहते हैं, यह सिर की स्किन से जुड़ा होता है। जब इंसान युवा होता है तो शरीर की कोशिकाएं बालों में खास तरह ...
मोटापे से परेशान हैं तो शाम को एक्सरसाइज करें, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का लेवल कंट्रोल में रहेगा; मेटाबॉलिक हेल्थ में भी सुधार होगा

मोटापे से परेशान हैं तो शाम को एक्सरसाइज करें, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का लेवल कंट्रोल में रहेगा; मेटाबॉलिक हेल्थ में भी सुधार होगा

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मोटापे से परेशान हैं और कोलेस्ट्रॉल व ब्लड शुगर लेवल कम करना चाहते हैं तो एक्सरसाइज के लिए शाम का समय चुन सकते हैं। शाम को एक्सरसाइज करने पर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। यह दावा ऑस्ट्रेलियन कैथोलिक यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है। शोधकर्ताओं का कहना है, रिसर्च के दौरान यह पाया कि जो लोग ओवरवेट हैं और अधिक फैट वाली डाइट ले रहे हैं उनमें टाइप-2 डायबिटीज का खतरा है। ऐसे लोग अगर शाम के समय एक्सरसाइज करते हैं तो उनकी मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार होता है। डायबिटोलॉजिया जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है, यह स्टडी खासतौर पर उन लोगों के अहम है जो डायबिटीज से परेशान हैं और अक्सर उन्हें ब्लड शुगर कंट्रोल करने में दिक्कत होती है। ऐसे हुई स्टडी रिसर्च में 24 ऐसे लोगों को शामिल किया गया जिन्होंने लगातार पिछले 11 दिनों तक अधिक फैट वाली डाइट ली।इनकी फिटनेस...
इसलिए रेड मीट से है कैंसर का खतरा:रेड मीट इंसान का DNA डैमेज करके कोलोन कैंसर का रिस्क बढ़ाता है, इसमें मौजूद नाइट्रेट केमिकल भी है खतरनाक

इसलिए रेड मीट से है कैंसर का खतरा:रेड मीट इंसान का DNA डैमेज करके कोलोन कैंसर का रिस्क बढ़ाता है, इसमें मौजूद नाइट्रेट केमिकल भी है खतरनाक

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पिछले कई सालों से डॉक्टर्स लोगों को रेड मीट कम से कम खाने की सलाह देते आ रहे हैं क्योंकि ऐसा खानपान कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ाता है। रेड मीट का कैंसर से क्या कनेक्शन है, इसे अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया रिसर्च में समझाया है। वैज्ञानिकों का कहना है, रेड मीट इंसान के डीएनए को डैमेज करता है और कैंसर का खतरा बढ़ाता है। यह एक कार्सिनोजेनिक फूड है यानी ऐसा खानपान जो कैंसर की वजह बन सकता है। कैंसर के 900 मरीजों पर रिसर्च कीशोधकर्ता और डाना-फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट मारियोज गियानेकिस कहते हैं, हमने टीम के साथ मिलकर कोलोन कैंसर से जूझने वाले 900 मरीजों पर रिसर्च की। इनके DNA की जांच की। रिपोर्ट कहती है, इन मरीजों के DNA में ऐसा बदलाव दिखा जो पहले कभी नहीं देखा गया था। यह बदलाव साबित करता है कि DNA डैमेज हुआ है। शरीर की सभी कोशिकाओं में यह बदलाव नहीं हुआ लेकिन कोलोन से लिए गए सै...
सबसे कम उम्र का सर्टिफाइड योगा ट्रेनर:ऑटिज्म के बावजूद 2 साल की उम्र से योग करना शुरू किया, 7 साल की उम्र तक सेलिब्रिटी और अब अपनी उम्र का सबसे धनवान बच्चा बना

सबसे कम उम्र का सर्टिफाइड योगा ट्रेनर:ऑटिज्म के बावजूद 2 साल की उम्र से योग करना शुरू किया, 7 साल की उम्र तक सेलिब्रिटी और अब अपनी उम्र का सबसे धनवान बच्चा बना

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11 का सुन चुयांग चीन के लोगों को योग सिखा रहा है। सुन के नाम अब तक दो रिकॉर्ड बन चुके हैं। पहला, वह चीन का सबसे कम उम्र का योगा टीचर है। दूसरा, सून की कमाई 10.90 लाख रुपए प्रतिमाह है, इसलिए वह चीन में अपनी उम्र का सबसे रईस इंसान बन गया है। कठिन से कठिन योगासनों को आसानी से करना और लोगों को सिखाने की कला के कारण सून दुनियाभर में नाम कमा रहा है। सून खासतौर पर बच्चों और पेरेंट्स को योग की ट्रेनिंग देते हैं। सबसे कम उम्र का सर्टिफाइड योगा ट्रेनरचीनी मीडिया के मुताबिक, सून दुनिया का सबसे कम उम्र वाला सर्टिफाइड योगा ट्रेनर है। चीन के पूर्वी प्रांत झेजियांग का रहने वाला सू लोगों को प्राचीन भारतीय योग की ट्रेनिंग देता है। चीन के कई बड़े योग सेंटर उसे अपने संस्थान में ट्रेनिंग देने का ऑफर दे चुके हैं। किड्स-पेरेट्स योग के दौरान सून ट्रेनिंग देते हुए। 100 से अधिक लोगों को किया ट्...
नई रिसर्च:रक्त का थक्का जमने से क्यों हो रही कोरोना पीड़ितों की मौत, वैज्ञानिकों ने बताई वजह; कहा, VWF मॉलिक्यूल इसका कारण

नई रिसर्च:रक्त का थक्का जमने से क्यों हो रही कोरोना पीड़ितों की मौत, वैज्ञानिकों ने बताई वजह; कहा, VWF मॉलिक्यूल इसका कारण

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कोरोना के मरीजों में रक्त के थक्के क्यों जमते हैं, वैज्ञानिकों ने इसकी वजह बताई है। वैज्ञानिकों का कहना है, एक खास तरह का मॉलीक्यूल इसके लिए जिम्मेदार है। संक्रमित मरीजों में इस मॉलिक्यूल का स्तर बढ़ने में रक्त के थक्के जमते हैं और मौत का खतरा बढ़ता है। यह दावा रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जंस इन आयरलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने किया है। इसलिए जमते हैं रक्त के थक्केकोरोना के मरीजों में रक्त के थक्के क्यों जमते हैं, इसे समझने के लिए डबलिन के ब्यूमॉन्ट हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना पीड़ितों पर रिसर्च की गई। इनका ब्लड सैम्पल लिया गया। ब्लड रिपोर्ट में सामने आया कि इन मरीजों में VWF मॉलिक्यूल का स्तर अधिक था, यह रक्त का थक्का जमाता है। वहीं, थक्के को जमने से रोकने वाले मॉलीक्यूल ADAMTS13 का स्तर कम था। रिसर्च में मौत का कारण साबित हुआदोनों मॉलीक्यूल का बैलेंस बिगड़ने पर थक्के जमने लगते है...
इजरायली वैज्ञानिकों की चौंकाने वाली रिसर्च:शादीशुदा जीवन में तनाव सिगरेट पीने जितना जानलेवा; ऐसे पुरुषों में स्ट्रोक से मौत का खतरा 69% तक; इनकी मौत के आंकड़े 19% तक बढ़े

इजरायली वैज्ञानिकों की चौंकाने वाली रिसर्च:शादीशुदा जीवन में तनाव सिगरेट पीने जितना जानलेवा; ऐसे पुरुषों में स्ट्रोक से मौत का खतरा 69% तक; इनकी मौत के आंकड़े 19% तक बढ़े

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शादी से नाखुश रहने पर सिर्फ तनाव ही नहीं मौत का खतरा भी बढ़ता है। ऐसे पुरुष जो अपनी शादी से संतुष्ट नहीं हैं उन्हें स्ट्रोक से मौत की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे पुरुषों में मौत के आंकड़े 19 फीसदी तक सामने आए हैं। यह दावा इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में किया है। मैरिज एजुकेशन प्रोग्राम शुरू करने की जरूरतशोधकर्ता डॉ. शहर लेव-एरी कहते हैं, रिसर्च में सामने आई बात चौंकाने वाली है। ऐसे पुरुष जो अपनी शादी से संतुष्ट नहीं है उनमें मौत का खतरा सिगरेट पीने जितना जानलेवा है। अपनी रिसर्च में शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि शादीशुदा लोगों के लिए मैरिज एजुकेशन प्रोग्राम शुरू करने करने की जरूरत है। ऐसे हुई रिसर्चशोधकर्ताओं ने अचानक मौत का शिकार हुए 10 हजार लोगों के 3 दशक पुराने हेल्थ डाटा का अध्ययन किया। रिसर्च में सामने आया कि शादीशुदा जिंदगी में दुखी रहते हैं तो स्ट्र...