Sunday, May 3निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

MP में डेल्टा+ का 8वां मामला:भोपाल में 25 साल के युवक में कोरोना का यह वैरिएंट मिला; केंद्र ने 4 दिन पहले अलर्ट किया था लेकिन ट्रेस, ट्रेक पर फोकस नहीं

भोपाल

कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका के बीच डेल्टा प्लस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मध्य प्रदेश में इस वैरिएंट का आठवां केस भोपाल में सामने आया है। बैरागढ़ निवासी 25 साल के युवक के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। राहत की बात ये है कि युवक स्वस्थ है और घर पर है।

यह युवक 5 जून को संक्रमित हुआ था। इसका एक निजी अस्पताल में 9 दिन इलाज चला। उसके बाद वह स्वस्थ्य होकर घर चला गया। युवक को वैक्सीन नहीं लगी है। उसके संपर्क में आने वाले भी स्वस्थ हैं। हालांकि अब जिला प्रशासन उसकी काॅन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग करा रहा है।

डेल्टा+ वैरिएंट को लेकर हालांकि केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले ही राज्य सरकारों को अलर्ट जारी किया था। इसमें संक्रमण को रोकने के लिए भीड़ को नियंत्रित करने, कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने, ट्रैक, ट्रेस और ट्रीट करने पर तेजी से काम करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद ग्राउंड में काम करने वाले अधिकारियों को राज्य सरकार की तरफ से चार दिन बाद भी कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार से निर्देश मिलने पर उनका पालन कराया जाएगा।

यहां मिले हैं डेल्टा प्लस के मामले
राज्य में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 3 केस भोपाल में, 2 उज्जैन में, 2 रायसेन में और 1अशोकनगर में मिला है। इनमें से उज्जैन में एक महिला और अशोक नगर के एक युवक की मौत हो चुकी है। दोनों को वैक्सीन नहीं लगाई थी।

भोपाल के न्यू मार्केट में शुक्रवार को कई लोग बिना बिना मास्क पहने घूमते नजर आए।

भोपाल के न्यू मार्केट में शुक्रवार को कई लोग बिना बिना मास्क पहने घूमते नजर आए।

लोग बेपरवाह, मॉनिटरिंग के लिए बनाईं 118 टीमें फील्ड से गायब
भोपाल के अनलॉक होने के साथ ही अब लोग बेपरवाह होते जा रहे हैं। बाजारों में भीड़ से साफ देखा जा सकता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। कई लोग मास्क तो लगा रहे हैं, लेकिन सही तरीके से नहीं पहन रहे।

यही हालात दुकानों में भी दिख रहे हैं। कहीं दुकानदार मास्क ठीक से नहीं पहने हैं, तो कहीं ग्राहक। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा। जिला प्रशासन की तरफ से मॉनिटरिंग के लिए बनाई गईं 118 टीमों का अब अता-पता ही नहीं है। यही हाल रहे तो तीसरी लहर को रोकने के इंतजाम भी नाकाफी साबित हो सकते हैं।

इस बीच भोपाल CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा है कि लगातार कोरोना संक्रमण की जांच कर रहे है। नए वैरिएंट के केस में कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। डेल्टा+ वैरिएंट के बारे में राज्य सरकार से मिलने वाले निर्देशों का पालन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *