जयपुर
राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ रेप के मामले पूरे देश में सबसे अधिक होने को लेकर घिरे प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है महिलाओं के खिलाफ अपराध के 56% मामले झूठे पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने डीजीपी से कहना चाहूंगा कि जो लोग झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं, उनके खिलाफ संगीन केस हो और उसे लॉजिकल अंत तक लेकर जाएं, ताकि और लोग ऐसा करके प्रदेश को बदनाम करने की हिम्मत नहीं करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में रेप के मामले बढ़े हुए इसलिए दिख रहे हैं क्योंकि हमारे यहां थानों में अनिवार्य एफआईआर की सुविधा है। अगर कोई शिकायत लेकर जाता है तो FIR दर्ज करनी होगी।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) से जारी आंकड़ों के मुताबिक रेप केस के मामलों में राजस्थान वर्ष 2020 से ही शीर्ष पर है। NCRB की वर्ष 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में पिछले साल पूरे देश में सबसे अधिक 6337 रेप के मामले दर्ज हुए। दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश है, जहां सालभर में दुष्कर्म के 2947 केस दर्ज हुए। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में राजस्थान यूपी के बाद दूसरे नंबर पर है।
राजस्थान पुलिस एकेडमी में मीडिया से बातचीत के दौरान NCRB के आंकड़ों को लेकर सफाई देते हुए अशको गहलोत ने कहा, “दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान में अपराध कम है। पहले बहुत से लोग बेइज्जती के डर से थानों में कदम नहीं रखते थे। अब थानों का माहौल बदला है। हमने थानों में स्वगत कक्ष बनाए और अनिवार्य एफआईआर का प्रावधान किया। अनिवार्य FIR क्रांतिकारी कदम है। अब जो भी थाने में शिकायत लेकर जाता है, उसकी एफआईआर करनी ही पड़ती है। यह हर राज्य में लागू होना चाहिए।”