जयपुर
रीट लेवल-1 हो या लेवल-2 दोनों के लिए जियोग्राफी अहम और स्कोरिंग टॉपिक है। रीट परीक्षा में इस टॉपिक से संबंधित 10 से 15 प्रश्न हर बार पूछे जाते हैं, लेकिन जियोग्राफी एक ऐसा सब्जेक्ट है जिसके फैक्ट्स बिना ट्रिक्स के याद करना आसान नहीं है। तो आपकी इस परेशानी का हल लेकर हमारे साथ जुड़े हैं जियोग्राफी के एक्सपर्ट मनोज रांघेरा। उन्हीं से जानते हैं भूगोल की तैयारी करते वक्त किन बातों पर फोकस करना है, कौन से महत्वपूर्ण टॉपिक्स हैं और पढ़ने की क्या ट्रिक्स हैं।
रांघेरा बताते हैं कि जियोग्राफी सब्जेक्ट से रीट में देश, उनकी राजधानियां, भौतिक प्रदेश, वन्य जीव-जन्तु, वनस्पति, पेड़-पौधे, घास, मिट्टी, खनिज, उद्योग, जनगणना, अक्षांश-देशांतर, विभिन्न तरह की पवनें, जलवायु, चक्रवात, ग्रहण, पर्यटन, कृषि टॉपिक, सौरमंडल के गृह, आकाश गंगा, पृथ्वी की उत्पत्ति संबंधी प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं।
रीट में भूगोल विषय की कम समय में तैयारी कैसे करें ?
कम समय अवधि को ध्यान में रखते हुए स्कोरिंग सब्जेक्ट या टॉपिक पर ही फोकस करना चाहिए। रीट के एसएसटी पार्ट में जियोग्राफी सब्जेक्ट से आने वाले 13 से 15 प्रश्नों की ओर ध्यान दें, जिससे आप 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त कर सकें और आप मजबूत स्थिति में पहुंच जाएं।

मैप से ही स्टेट वाइज भारत के टाइगर रिजर्व की जानकारी स्पष्ट दिख रही है। पता चल रहा है कौनसा रिजर्व कौन से स्टेट में है और संख्या कितनी है।
कौन-कौन से टॉपिक महत्वपूर्ण हैं?
ज्योग्राफी में प्रत्येक टॉपिक की अपनी अहम भूमिका है, लेकिन किसी भी परीक्षा के लिए भौतिक प्रदेश, वन्य जीव-जंतु, सिंचाई परियोजनाएं, मिट्टी, खनिज, उद्योग, जनगणना, अक्षांश-देशांतर, पवनें, चक्रवात, ग्रहण, पर्यटन और कृषि जैसे टॉपिक से प्रत्येक प्रतियोगिता परीक्षा में 1-1 प्रश्न पूछे जाते हैं। इन सभी टॉपिक के कुल मिलाकर 12 से 13 प्रश्न बनते हैं।
तैयारी का सबसे आसान तरीका
भूगोल के प्रत्येक टॉपिक को मैप के माध्यम से तैयार करें, ताकि कोई भी प्रश्न आपस में मिल न सके या कन्फ्यूजन की स्थिति पैदा न हो। अब कम समय है, इसलिए बेहतर यही है कि वस्तुनिष्ठ (Objective Type) प्रश्नों का ज्यादा से ज्यादा अभ्यास किया जाए। कोई टॉपिक कठिन लगता है तो उसे समझने के लिए संबंधित वीडियो को भी देख सकते हैं।

अक्षांश और देशांतर को ग्लोब से समझा जाए तो अच्छे से याद होंगे।
कौनसी बुक्स पढ़नी चाहिए?
वर्तमान में कम समय को देखते हुए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की पुस्तकों की सहायता लें। विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई टेस्ट सीरीज की भी सहायता ले सकते हैं। अगर विस्तृत अध्ययन करना है तो मार्केट में कुछ अच्छी किताबें उपलब्ध हैं जैसे-
- राजस्थान का भूगोल : एल. आर. भल्ला
- भारत का भूगोल: माजिद हुसैन
- विश्व भूगोल: माजिद हुसैन/सविन्द्र सिंह
भूगोल विषय से कितने प्रश्न आते हैं ?
रीट 2017 को देखते हुए भूगोल विषय के लगभग 15 प्रश्न का समावेश किया गया है। –
- 5 प्रश्न राजस्थान का भूगोल
- 5 प्रश्न भारत का भूगोल
- 5 प्रश्न विश्व भूगोल के पूछे गए हैं।

राजस्थान के सभी जिलों की भौगोलिक स्थिति दर्शाता मैप। कौनसा जिला कितने जिले की सीमाओं से घिरा है, इसे देखकर आप आसानी से बता सकते हैं।
क्या पुराने प्रश्न पत्रों को पढ़ना चाहिए ?
बिल्कुल, पुराने प्रश्न पत्रों से आपको यह पता चलता है कि प्रश्न का लेवल क्या है। साथ विद्यार्थी को अपना मूल्यांकन करने में आसानी होती है। वह अपनी तैयारी को अधिक मजबूती से कर सकता है।
आप ऑनलाइन व ट्रेडिशनल स्टडी में से किसे बेहतर मानते हैं ?
किताबों से पढ़ने का कोई मुकाबला नहीं है। जबकि ऑनलाइन स्टडी का अपना अलग महत्व है। दूरदराज के रहने वाले और ऐसे विद्यार्थी, जो ऑफलाइन पढ़ने के लिए बड़े शहरों तक नहीं पहुंच पाते हैं, वे भी घर बैठकर आसानी से अच्छी फैकल्टी से तैयारी कर सकते हैं। ऑनलाइन स्टडी में विद्यार्थियों की आंखों पर जोर पड़ता है। तनाव का स्तर बढ़ता है। मानसिक रूप से भी दबाव का सामना करना पड़ता है, जबकि ऑफलाइन स्टडी में अक्सर ऐसी कोई परेशानी नहीं होती।

राजस्थान में अरावली, डेजर्ट, हाड़ौती, घग्गर की भौगोलिक स्थिति दिखाता मैप
एक कॉमन सवाल जो विद्यार्थी आपसे पूछते हैं ?
विद्यार्थियों की अक्सर यह परेशानी रहती है कि हम पढ़ तो लेते हैं, लेकिन याद नहीं होता है। भूगोल विषय के लिए मैपिंग, सारणी, चित्र आदि का सहारा जितना अधिक लिया जाएगा, उतनी ही लर्निंग अच्छे से होगी। इसके साथ ही आप अपने नोट्स का भी प्रयोग कर सकते हैं।
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