स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जयपुर में नकली नोट छापने के गोरखधंधे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने का कारखाना पकड़ा है। यह कारखाना जयपुर में गोनेर रोड पर एक अपार्टमेंट में लाखों रुपए कीमत के विला में चल रहा था। छापामारी कर एसओजी ने कारखाने में मौजूद दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। वहां से करीब 5.80 लाख रुपए के नकली नोट व उपकरण भी बरामद कर लिए हैं। आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
ATS व SOG के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ब्रजेश मौर्या (28) निवासी वीरपुर, थाना माधवगंज जिला ग्वालियर मध्य प्रदेश और प्रथम शर्मा (19) पुत्र अनिल शर्मा निवासी मोहन नगर, पुरानी बस्ती, नाहरगढ़ रोड, जयपुर है। एडीजी राठौड़ के मुताबिक आरोपी ब्रजेश मौर्या के बारे में मुखबिर से सूचना मिली कि वह अपने साथी प्रथम शर्मा के साथ मिलकर जयपुर में गोनेर रोड पर विला नंबर 51, महिमा कोपल अपार्टमेंट में नकली नोट छापने का कारखाना चला रहा है।

शीट पर चिपका रखे थे नकली नोट
कल आधी रात को विला में एसओजी की टीम ने छापा मारा, तब नोट छापते हुए मिले
तब बीती देर रात एसओजी के डीआईजी शरत कविराज के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक विजय कुमार राय, हैड कॉन्सटेबल डोडी राम, कांस्टेबल राम लाल व अन्य पुलिस कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर बने विला में दबिश दी। वहां ब्रजेश मौर्या व प्रथम शर्मा भारतीय मुद्रा के नकली नोट छापने की मशीनों व छपी मुद्रा के साथ नोटों की कटिंग करते हुए मिले।

कारखाने में बिखरे हुए मिले तैयार 500 रुपए के नकली नोट
5.80 लाख के नकली नोट मिले, इनमें 500 के 1147 नोट और 200 के 37 नोट
डीआईजी शरत कविराज ने बताया कि विला में तलाशी के दौरान एसओजी की टीम को 5 लाख 80 हजार 900 रुपए के भारतीय नकली नोट मिले। इनमें आधे छपे हुए थे। इसके अलावा कलर प्रिंटर, स्कैनिंग मशीन, लेमिनेशन मशीन, भारतीय मात्रा में नोट छापने के कागज शीट व अन्य सामान जब्त कर लिया। इनमें 500 के 1147 नोट व 200 के 37 नोट कुल 5,80,900 रुपए थे। जब्त जाली मुद्रा हूबहू असली नोट की तरह ही दिखती है, जिसमें वॉटर मार्क आरबीआई थ्रेड व संख्या का अंकन भी है।