मुंबई
गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के ब्रांड अमूल ने दूध की कीमतें बढ़ाने फैसला किया है। कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर का इजाफा होगा। नई कीमत कल यानी 1 जुलाई से लागू होगी। इसके बाद मुंबई में एक लीटर दूध की कीमत अब 48 रुपए हो जाएगी। पहले यह 46 रुपए थी। पतंजलि के एक लीटर दूध की कीमत 44 रुपए अभी है।
डेढ़ साल बाद बढ़ी कीमतें
कंपनी ने बताया कि करीब डेढ़ साल के बाद दूध की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। कीमतों को बढ़ाने के पीछे किसानों के फायदे की बात कही गई है। साथ ही पैकेजिंग की लागत, लॉजिस्टिक और कमोडिटी की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी होने से दूध की कीमतों को बढ़ाना जरूरी था। कंपनी बटर, चीज और आइसक्रीम अमूल फ्रेंचाइजी के तहत बेचती है।
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध का एक लीटर का पैकेट 56 रुपए और पॉस्चुराइड दूध 48 रुपए में बिक रहा है। जबकि अमूल का टोंड मिल्क 46 रुपए प्रति लीटर और गाय का दूध 47 रुपए प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।
पूरे देश में लागू होगी कीमत
कंपनी ने एक बयान में कहा कि कीमतों में बढ़ोत्तरी पूरे देश में लागू होगी। जहां भी अमूल का ताजा दूध मिलता होगा, वहां के ग्राहकों को यह कीमत देनी होगी। दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर इजाफा का मतलब कि 4 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। हालांकि खाने वाली सामानों की महंगाई की तुलना में यह इजाफा कम है। कंपनी ने कहा कि इनपुट लागत बढ़ने से हमारे सदस्यों ने किसानों द्वारा दिए जाने वाले दूध की कीमत बढ़ा दी है। अब इसकी रेंज 45 से 50 रुपए लीटर हो गई है।
80 पैसा दूध उत्पादकों को मिलता है
GCMMF ने कहा कि अमूल की पॉलिसी के तहत ग्राहकों द्वारा दिए जाने वाले हर रुपए में करीबन 80 पैसा दूध के उत्पादकों को दिया जाता है। कीमतों में बढ़ोत्तरी से दूध उत्पादकों को मदद मिलेगी। विश्व की टॉप 20 डेयरी कंपनियों की सूची में अमूल 8 वें स्थान पर है। यह भारत की एकमात्र कंपनी है जो वैश्विक स्तर पर डेयरी कंपनियों में जगह बना पाई है। इसके 7.64 लाख इसके सदस्य हैं जो इसे दूध देते हैं। 50 लाख लीटर की इसकी दूध हैंडलिंग की क्षमता है जबकि रोजाना 33 लाख लीटर दूध कलेक्शन करता है।
पश्चिम भारत से की थी शुरुआत, अब पूरे भारत में सप्लाई
अमूल ने अपनी शुरुआत पश्चिम भारत यानी गुजरात से की थी और उसके बाद महाराष्ट्र सहित उत्तरी भारत और फिर पूर्वी भारत में अपना विस्तार किया। कंपनी ने पिछले साल ही दक्षिण भारत में कदम रखा था और हैदराबाद को अपना हब बनाया है। इस समय 30-40 लाख लीटर दूध की सप्लाई दक्षिण भारत में करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी 200-300 करोड़ रुपए के निवेश का लक्ष्य रखी है। इसकी सालाना बिक्री 52 हजार करोड़ रुपए की है।
अमूल इस समय कई तरह के प्रोडक्ट का निर्माण करता है। बता दें कि सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश होने के बाद भी अब तक कोई भी भारत की डेयरी कंपनी इस लिस्ट में शामिल नहीं हुई थी। अमूल गुजरात को ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) की डेयरी ब्रांड है। जीसीएमएमएफ का सालाना टर्नओवर 550 करोड़ डॉलर के बराबर है।