मुंबई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट मीटिंग खत्म हो गई है। मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर और रविशंकर प्रसाद ऐलानों को मिली मंजूरी की जानकारी दी। बैठक में पॉवर और टेलीकॉम सेक्टर के लिए अहम फैसले लिए गए हैं।
IT और टेलीकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन्फॉर्मेशन हाईवे हर गांव तक पहुंचे इस दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके लिए 19 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है।
पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने भारतनेट (BharatNet) के जरिए 1000 दिन में 6 लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड लगाने की बात कही थी। यह प्रोजेक्ट दुनियाभर में सबसे बड़ा ब्रॉडबैंड प्रोग्राम माना जा सकता है, जो ग्रामीणों को कनेक्ट करेगा।
भारतनेट के लिए सरकार देगी 19 हजार करोड़ रुपए
30 जून को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने भारतनेट को PPP मॉडल के तहत मंजूरी दी। इसके तहत देश के 16 राज्यों में कुल 3.60 लाख पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए 29 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। इस पर खर्च होने वाली कुल रकम में भारत सरकार का हिस्सा 19,041 करोड़ रुपए है।
सरकार ने इस योजना के लिए 42 हजार करोड़ रुपए पहले ही जारी कर दिए हैं। अब तक इस मद के लिए कुल खर्च लगभग 62 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा।
इंफॉरमेशन मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कैबिनेट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट में किए गए ऐलानों को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत नवंबर 2021 तक 80 करोड़ नागरिकों को फ्री राशन दिया जाएगा। हालांकि, इसका ऐलान पहले ही किया जा चुका है, जिसके लिए अब 93 हजार करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी मिली है।
सरकार ने पावर रिफॉर्म के लिए मंजूर किया 3.03 लाख करोड़ का फंड
साथ ही पावर (बिजली) सेक्टर में सुधार पर भी केंद्रीय कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। इसके जरिए राज्य सरकारों की ओर से प्लान मांगा जाएगा और केंद्र की ओर से उन्हें पैसा दिया जाएगा। बड़े शहरों में ऑटोमैटिक सिस्टम को भी लागू करने की तैयारी है। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि इससे सोलर सिस्टम को मजबूत करने का भी प्लान है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 जून को ही पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम के लिए 3 लाख करोड़ की मंजूरी दी थी। पुरानी HT-LT लाइंस को बदला जाएगा, ताकि लोगों को 24 घंटे बिजली मिल सके। गरीबों के लिए हर दिन रिचार्ज सिस्टम लाया जाएगा।
पावर सेक्टर के लिए 3.03 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। इस फंड से डिस्कॉम को इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण और सुधार के लिए पैसे दिए जाएंगे। 3 लाख करोड़ के इस फंड में केंद्र सरकार 97,631 करोड़ रुपए देगा।