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आर्थिक तेजी से सुनहरे भविष्य की शुरुआत:कोविड महामारी की दूसरी लहर के चलते खपत को लेकर बनी चुनौतीपूर्ण स्थिति से उबरने लगा देश

नई दिल्ली

इस साल त्योहारों का ‘श्रीगणेश’ देश की आर्थिक सेहत को लेकर कई शुभ संकेतों से हो रहा है। कंज्यूमर सेंटिमेंट सुधरा है और बेहतर भविष्य को लेकर लोगों की उम्मीद बढ़ी है। इन सबके बीच देश में नए दौर की टेक्नोलॉजी कंपनियां तेजी से फल-फूल रही हैं। इतना ही नहीं दुनिया की दिग्गज वित्तीय कंपनी एसएंडपी ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की जोरदार तेजी आगे भी जारी रहेगी।

देश में लगातार बेहतर होते आर्थिक हालात के 4 प्रमुख संकेत

कंज्यूमर एक्सपेक्टेशन बढ़ा
CMIE की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में कंज्यूमर एक्स्पेक्टेशंस इंडेक्स चढ़कर 58.6 पर पहुंच गया। इसमें 0.5 अंकों का इजाफा हुआ। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति का संकेत मिलता है, जिसके आधार पर वे खर्च के फैसले करते हैं।

दो साल तक तेज विकास
भारत की आर्थिक विकास दर आगामी तिमाहियों में भी मजबूत रहेगी। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष भारत की आर्थिक विकास दर 9.5% रहने का अनुमान है। कंपनी के निदेशक (सॉवरेन) एंड्रयू वुड ने कहा कि भारत न केवल आगामी तिमाहियों में, बल्कि अगले दो साल तक तेज रफ्तार आर्थिक ग्रोथ दिखाएगा।

कंज्यूमर सेंटिमेंट सुधरा
CMIE के मुताबिक, अगस्त में कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स 56 पर पहुंच गया है, जो जुलाई में 53.1 पर और मई में 48 पर था। इसका मतलब है कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के चलते देश में खपत को लेकर बनी चुनौतीपूर्ण स्थिति धीरे-धीरे बदलने लगी है।

मजबूत डिजिटल इकोनॉमी
देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था यानी न्यू इकोनॉमी रफ्तार पकड़ रही है। HSBC के मुताबिक, आज की तारीख में करीब आधा FDI डिजिटल सेक्टर में आ रहा है। एक दशक पहले यह आंकड़ा सिर्फ 20% था। विदेशी निवेश के मामले में जुलाई में भारत 2013 के बाद पहली बार चीन से आगे निकल गया।

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