मुंबई
घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने फाइनेशियल ईयर 2021-22 के लिए ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) का अनुमान घटाया है। एजेंसी ने अनुमान 9.6% से घटाकर 9.4% कर दिया है। इंडिया रेटिंग्स एजेंसी का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद मजबूत रिकवरी हुई है। इसके अलावा कुछ अन्य इंडिकेटर भी रिकवरी दिखा रहे हैं साथ ही एक्सपोर्ट में भी बढ़ोतरी हो रही है।
एजेंसी के मुताबिक देश की पूरी व्यस्क जनसंख्या को साल के अंत तक वैक्सीन लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं होगा।
इकोनॉमी की रिकवरी की रफ्तार वैक्सीनेशन पर निर्भर करेगी
इंडिया रेटिंग्स एजेंसी के प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि वैक्सीनेशन की रफ्तार को देखते हुए यह लगभग तय है कि दिसंबर के अंत तक देश की पूरी व्यस्क जनसंख्या का वैक्सीनेशन नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि जून में पिछले अनुमान में कहा था कि इकोनॉमी की रिकवरी की रफ्तार वैक्सीनेशन पर निर्भर करेगी। अगर देश में दिसंबर के अंत तक पूरी व्यस्क जनसंख्या को वैक्सीनेट कर लिया जाता है तो 2021-22 में GDP ग्रोथ 9.6% रह सकती है। ऐसा नहीं होने पर GDP ग्रोथ 9.1% रह सकती है।
वैक्सीन के एक दिन में लगभग 52 लाख डोज देने होंगे
रेटिंग्स एजेंसी के अनुमान के मुताबिक इस साल के अंत तक पूरी व्यस्क जनसंख्या को वैक्सीनेट करने के लिए एक दिन में लगभग 52 लाख डोज देने होंगे। इसके अलावा अगले साल मार्च के अंत तक बाकी सभी को सिंगल डोज देने की जरूरत होगी।
इससे पहले RBI वर्ल्ड बैंक और IMF समेत कई एजेंसी भी फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान घटा चुकी हैं।