आजकल आपको अपने आस-पास ऐसे कई लोग मिल जाएंगे जो एलर्जी से पीड़ित होंगे। यहां तक कि पिछले 10 सालों में पैदा होने वाले बच्चों में भी एलर्जी एक आम समस्या के रूप में सामने आई है। खासकर सर्दी-जुकाम और स्किन एलर्जी की समस्या। हवा में मौजूद धूल-धुएं के कण और प्रदूषण तो इसके पीछे का कारण है ही, अनियमित जीवनशैली, खान- पान का पहले की तुलना में कम पौष्टिक रह जाना आदि भी इसकी वजह है। अच्छी बात यह है कि समय पर एलर्जी का पता चल जाने से उसका इलाज भी संभव हो सकता है और आप उसके ट्रिगर से भी बच सकते हैं। आजकल हालांकि बच्चे के जन्म के समय ही हॉस्पिटल में उसके एलर्जी टेस्ट हो जाते हैं। इससे आगे के लिए हर चीज ध्यान में रखना आसान होता है। अगर कोई एलर्जी गंभीर होती है तो भी पीडियाट्रिशियन आपको इस बारे में जानकारी दे देते हैं। लेकिन यदि ऐसा न हो तो आप स्वयं भी डॉक्टर की सलाह से ऐसे टेस्ट करवा सकते हैं।