सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। कोरोना काल के बाद मार्च माह में रेलवे द्वारा गाड़ियों में फिर से शुरू की गई कम्बल और तकिए आदि देने की व्यवस्था में एक आदेश जारी कर परिवर्तन किया है। इस आदेश के तहत एसी इकनॉमी कोच में यह व्यवस्था को बन्द कर दिया गया है। ऐसे में इस कॉच में यात्रा करने वाले यात्रियों को अब यात्रा के दौरान अपने स्तर पर कम्बल/बैंकलेट की व्यवस्था अपने स्तर पर करनी होगी। रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन ट्रेनों का किराया कम है। ऐसे में इन कोचों में यात्रियों को मुफ्त बेड रोल और कंबल नहीं मिलेंगे। रेलवे बोर्ड के निदेशक सुमन कुमार तोती द्वारा आदेश में लिखा है कि एलएचबी कोच की इस श्रेणी में इन कोचों में नियंत्रित तापमान पाया गया है। ऐसे में इनके कोचों में कंबल और चादर की जरूरत नहीं है। यही वजह है कि निर्णय लिया गया है कि इनके यात्रियों को यह सुविधा प्रदान नहीं की जाएगी। जानकारी अनुसार रेलवे ने 21 मार्च से सभी श्रेणी में कंबल और चादर की सुविधा को फिर से शुरू कि थी। जिला मुख्यालय से चलने वाली लम्बी दूरी गाड़ियों में सबसे पहले यह सुविधा श्रीगंगानगर-तिरूचिरापल्ली गाड़ी में यह सुविधा शूरू की गई थी। यह सुविधा कोरोना के कारण बंद कर दी गई थी। रेलगाड़ी की सभी वातानुकूलित श्रेणी में चददर, कंबल और तकिया रेलयात्रियों को प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही खिड़कियों पर परदे भी लटके रहते हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के दौरान ही एसी इकोनॉमी कोच बनाया है। इसमें किराया थोड़ा कम है। ऐसे में इस कोच में लागत घटाने के लिए रेलवे ने यह निर्णय लिया है। यह कोच एलएसबी कोच से युक्त हैं। यह वजन में हल्के होते हैं। इनकी गति क्षमता भी बेहद उच्च होती है और अधिक वजन ले जाने में सक्षम हैं। अगर आप किसी भी ट्रेन की एसी इकोनॉमी श्रेणी में यात्रा कर रहे हैं तो अपना कंबलए चददर और तकिया खुद साथ लेकर चलें। रेलवे इस श्रेणी के किसी भी यात्री को कोई भी लेनिन सुविधा उपलब्ध नहीं कराएगा। रेलवे बोर्ड ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।