प्रदेश के 7 लाख कर्मचारियों ने दी आंदोलन करने की चेतावनी, मुख्य सचिव को भिजवाया मांगपत्र हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। समान काम-समान वेतन की नीति लागू करने व पूर्व के वेतनमानों में उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण करने सहित 15 सूत्री मांगों के निस्तारण की मांग को लेकर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने शुक्रवार को मुख्य सचिव के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर रामरतन सोंकरिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि महासंघ का 15 सूत्री मांगपत्र शासन एवं सरकार में विगत 3 वर्षांे से लंबित है। शासन एवं सरकार की ओर से महासंघ के मांगपत्र पर एक बार भी द्विपक्षीय वार्ता आयोजित नहीं की गई। इस कारण महासंघ से सम्बद्ध घटक संगठनों के 7 लाख कर्मचारियों में घोर निराशा का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा राज्य सरकार की ओर से 2017 में सातवां वेतन आयोग लागू करने एवं राज्य कार्मिकों की अन्य वेतन विसंगतियों को सुनकर दूर करने के लिए गठित डीसी सामंत कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किए बिना कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों की सुनवाई के लिए आईएएस खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में नवीन कमेटी का गठन कर दिया गया। इसको लेकर प्रदेश के कर्मचारी असमंजस में हैं। कमेटियों के खेल के कारण कर्मचारियों में आक्रोश उत्पन्न हो गया है। आईएएस खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में गठित कमेटी के आदेश में यह उल्लेखित किया गया है कि यह समिति समीपस्थ राज्यों के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों से राजस्थान प्रदेश के कर्मचारियों के वेतन-भत्तों की तुलना कर रिपोर्ट पेश करेगी। ज्ञापन में कहा गया कि शासन एवं सरकार का प्रदेश के कर्मचारियों का अन्य समीपस्थ राज्यों के कर्मचारियों से वेतन-भत्तों की तुलना का यह निर्देश महासंघ एवं शासन के मध्य बार-बार हुए लिखित समझौते जिनमें स्पष्ट उल्लेख है कि राज्य के कर्मचारियों को केन्द्र के कर्मचारियों के समान वेतन-भत्ते स्वीकृत किए जाएंगे। यदि किसी संवर्ग के कर्मचारियों को केन्द्र से अधिक मिल रहा है तो उसे यथावत रखा जाएगा, का स्पष्ट उल्लंघन है। इन कारणों से महासंघ ने कर्मचारियों के हितों तथा शासन-सरकार के ध्यानाकर्षण के लिए चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया है। महासंघ ने 15 सूत्री मांगपत्र पर सकारात्मक कार्रवाई करने, डीसी सामंत समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा प्रदेश के कर्मचारियों में आक्रोश का कारण बन रही खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में गठित समिति के आदेश को प्रत्याहारित कर अनुग्रहित करने की मांग की। मांग न माने जाने पर महासंघ के नेतृत्व में प्रदेश के 7 लाख कर्मचारियों की ओर से आंदोलन करने की चेतावनी ज्ञापन में दी गई। महासंघ के जिला उपाध्यक्ष आदराम मटोरिया ने बताया कि चरणबद्ध आंदोलन के तहत 24 सितम्बर को महासंघ एवं शासन के मध्य लिखित समझौते की अवहेलना कर खेमराज चौधरी की अध्यक्षता में गठित कमेटी के विरोध में प्रदेश एवं जिला स्तर पर विरोध दिवस मनाया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को सफल बनाने के लिए 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक जिला शाखाओं की ओर से तैयारी बैठकें आयोजित की जाएंगी। 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से जिला एवं उपशाखा स्तर तक जागरूकता अभियान के तहत सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओमप्रकाश सहारण, देवीलाल, जगदीश दूधवाल, तरसेम बराड़, इन्द्रपाल बेनीवाल, बलवान सिंह ढाका, अनिल सहू, विनोद, अमरीश जाखड़, बलवीर सिंह खालिया आदि मौजूद थे।