भू-अभिलेख निरीक्षक को मिले निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का अधिकार
by seemasandesh
राजस्थान कानूनगो संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। नायब तहसीलदार की 50 प्रतिशत सीधी भर्ती बंद कर सभी पद पदोन्नति से भरने सहित अन्य मांगों को लेकर भू-अभिलेख निरीक्षकों ने राजस्थान कानूनगो संघ के बैनर तले शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ पदाधिकारियों के अनुसार प्रदेश में कार्यरत भू-अभिलेख निरीक्षकों की मांगें पिछले काफी समय से लंबित हैं। 28 अप्रेल 2018 को सरकार की ओर से प्रदान की गई सहमति तथा मुख्यमंत्री के निदेर्शानुसार 3 अगस्त 2021 को हुई वार्ता के अनुसार आदेश जारी करवाए जाएं ताकि कार्मिकों में व्याप्त असंतोष व हीन भावना को दूर किया जा सके। कानूनगो संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कृषक वर्ग के हित, गैर वित्तीय, वित्तीय, कत्र्तव्य विस्तार आदि से संबंधित मांगें की गई। इनमें मुख्यत: राजस्व मण्डल अजमेर के 15 सितम्बर 2021 को पारित अव्यवहारिक आदेश को अपास्त करते हुए सभी रिक्त तहसीलदार-नायब तहसीलदार के 1014 पदों पर 30 सितम्बर से पूर्व पदोन्नति करने, पटवारियों को उनके सेवा काल में दो पदोन्नति गिरदावर व नायब तहसीलदार प्राप्त करने का मौका देने, तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति में वर्तमान नियमों में संशोधन करते हुए पदोन्नत नायब तहसीलदार का कोटा 50 प्रतिशत, सीधी भर्ती का कोटा 45 प्रतिशत व मंत्रालयिक संवर्ग का कोटा 5 प्रतिशत करने, पटवारी, भू अभिलेख निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदारों के पदों का सृजन करने, नायब तहसीलदार का पद राजपत्रित घोषित करने, भू-अभिलेख निरीक्षकों को देय स्थाई यात्रा भत्ता में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करने, राजस्व कार्य निष्पादन में पुलिस की ओर से अपराधिक मुकदमे दर्ज नहीं करने का आदेश जारी करने, ग्रामीण क्षेत्रों में भू-अभिलेख निरीक्षक क्षेत्र में स्थित कार्यालयों, संस्थानों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का अधिकार जिला कलक्टर के प्रतिनिधि के तौर पर भू-अभिलेख निरीक्षक को देने आदि की मांग की।