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कांग्रेस कार्यशाला में बोले मुख्यमंत्री गहलोत, ‘संगठन की कमजोरी के लिए हम सभी दोषी’

जयपुर। कांग्रेस चिंतन शिविर में लिए गए फैसलों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई दो दिवसीय कांग्रेस कार्यशाला के दूसरे दिन आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन के दौरान बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा तो अपने कार्यकतार्ओं नेताओं को भी नसीहत दी। कार्यशाला में मुख्यमंत्री तकरीर 25 मिनट बोले। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संगठन के कमजोर होने बात कही।
सीएम गहलोत ने कहा कि कई वरिष्ठ नेता कहते हैं कि सरकार को अच्छा काम कर रही है लेकिन संगठन कमजोर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ चंद्रभान की बात को दोहराते हुए कहा कि डॉ चंद्रभान ने कहा कि पार्टी कमजोर है यह हम सभी को स्वीकार करना चाहिए।
कमजोर संगठन के लिए हम सब बराबर के दोषी हैं। गहलोत ने कार्यशाला में कहा कि राहुल गांधी ने भी कांग्रेस चिंतन शिविर में कहा था कि पार्टी का लोगों से कनेक्शन टूट गया है तो उन्होंने एक शब्द में बता दिया कि क्या खामी है, इसके लिए हम सब दोषी हैं।
हार-जीत की सामूहिक जिम्मेदारी होती है
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पार्टी की जीत में तो सभी भागीदारी निभाना चाहते हैं ,लेकिन हार में कोई भागीदार नहीं बनता है। जबकि हार और जीत की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है इस बात को विशेष तौर पर ख्याल रखना चाहिए।
आलोचना सुनने का माद्दा होना चाहिए
सीएम गहलोत ने कहा कि पहले कांग्रेस के तीन-तीन दिन के शिविर होते थे। सभी को बोलने और अपनी बात रखने का अवसर मिलता था लेकिन अब वह परंपरा धीरे-धीरे खत्म हो रही है। कुछ चंद नेता बोलते हैं और कार्यशाला समाप्त हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। जब कार्यकतार्ओं को ही बोलने का मौका नहीं मिलेगा, क्या फीडबैक आएगा। कार्यकर्ता जनता के बीच रहता है, अगर वो आपकी खामी बताएगा तो आपको सुनने का माद्दा होना चाहिए।
आलोचनाओं को सुनना चाहिए। लेकिन आजकल कोई अपनी आलोचना सुनने को तैयार नहीं है।मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय और आज के समय में बहुत फर्क है। इंदिरा गांधी के समय में आपातकाल के बाद जब सत्ता चली गई थी तो ढाई साल के बाद ही हम लोग सत्ता में आ गए थे लेकिन अब का माहौल अलग है अब उस समय की तुलना में अधिक काम करने की जरूरत है।
देश में भाईचारे को समाप्त करने की साजिश
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज देश में हिंदू मुसलमान के नाम पर नफरत की राजनीति की जा रही है। देश के लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर किया जा रहा है। भाईचारा समाप्त करने की कोशिश हो रही है, आज छोटी-छोटी बातों पर दो समुदाय आमने-सामने हो जाते हैं। यह मामला बहुत गंभीर है बीजेपी ने देश के अंदर केरोसिन छिड़क दिया है, एक छोटी सी चिंगारी भी आग का रूप आग का रूप ले लेती है।
कलेक्टर काम नहीं करता तो सरकार उसे बदल सकती है
मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार पर आरोप लगते हैं कि सरकार कार्यकतार्ओं और आमजन की जन सुनवाई नहीं करती। यह बात गलत है, हमारे जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जिला और ब्लॉक स्तर पर लोगों की सुनवाई नहीं करेंगे तो इससे लोगों को लगता है कि सरकार काम नहीं कर रही है।
अगर हमने इन सब पर अटैक नहीं किया तो जमाना हमें माफ नहीं करेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि कांग्रेस कार्यकतार्ओं को कलेक्टर के पास जाना चाहिए, अगर कलेक्टर काम नहीं करता है तो सरकार उसे बदल सकती है, लेकिन कार्यकर्ता लोग अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर के पास नहीं जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी तो ऐसी ही होती है जैसे ही उनको लगने लगता है कि सरकार जा रही है तो अधिकारी मुंह फेर लेते हैं। हमारे भी जिले और ब्लॉक में 4-4 ग्रुप बने हुए हैं इसलिए सुनवाई नहीं होती है।
केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है मोदी सरकार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र में फासिस्ट लोगों की सरकार है जो देश में केवल ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। आज देश में महंगाई और बेरोजगारी सबसे बड़े मुद्दे हैं, लेकिन इनसे ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक मामले उठा ले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र की फासिस्ट सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को ईडी का नोटिस दे दिया। राहुल गांधी को ईडी का नोटिस दे दिया और अब हमारे विधायक वाजिब अली को भी ईडी का नोटिस दिया गया है और ओमप्रकाश हुड़ला को सीबीआई का नोटिस दिया गया है। जिससे पता चलता है कि देश में किस तरह का माहौल पैदा करना चाहते हैं। बीजेपी और केंद्र सरकार ने पूरे देश में आतंक मचा रखा है।
कांग्रेस अधिवेशन के प्रस्तावों को करेंगे बजट में शामिल
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अबकी बार जो बजट आएगा वह कांग्रेस अधिवेशन के जरिए आएगा। प्रदेश कांग्रेस का अधिवेशन होगा उसमें जो प्रस्ताव पास होंगे उसे बजट में शामिल किया जाएगा। इसी से कार्यकतार्ओं को लगेगा कि उनकी सुनवाई हो रही है उनके सुझावों पर अमल हो रहा है।
भाजपा की तरह होनी चाहिए मार्केटिंग
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार के कामकाज की मार्केटिंग भाजपा की तरह होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता घर में चुप बैठे रहते हैं, जिससे सरकार की योजनाओं का फायदा चुनाव में नहीं मिल पाता है। मुख्यमंत्री ने कार्यकतार्ओं से आह्वान करते हुए कहा कि अगर राजस्थान में दोबारा सरकार बनती है तो कांग्रेस का फिर से उदय होना शुरू हो जाएगा। गहलोत ने कहा कि बजट आया तो चर्चा हुई कि 140 सीटें आएंगी लेकिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आए तो दूसरी तरह की चचार्एं होने लगी है।