लुधियाना
कृषि कानूनों को लेकर सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच निहंग कई बार संयुक्त किसान मोर्चा के लिए समस्या बन चुके हैं। यही वजह है कि दो महीने पहले किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल को कहना पड़ा था कि निहंगों का यहां कोई काम नहीं है, उन्हें यहां से चले जाना चाहिए।
उस वक्त राजेवाल की बात का विरोध हुआ था और कहा गया था कि निहंग, किसानों की हिमायत पर आए हैं तो कैसे हटाया जा सकता है, लेकिन गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में निहंगों द्वारा एक युवक की हत्या की घटना से ये मुद्दा फिर गरमा गया है। किसान आंदोलन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने कहा है कि यह कोई धार्मिक मोर्चा नहीं है, बल्कि यह किसान मोर्चा है। इसमें निहंगों के लिए कोई जगह नहीं है, लेकिन वे हटने को तैयार ही नहीं हैं।