जयपुर
फोन टैपिंग मामले में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी के भगौड़ा बताने के बाद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पलटवार किया है। शेखावत ने राजस्थान पुलिस को वॉयस सैंपल नहीं देने के महेश जोशी के आरोपों पर कहा- मैं राजस्थान पुलिस को भी वॉयस सैंपल देने को तैयार हूं। जिस मुकदमे के आधार पर महेश जोशी वॉयस सैंपल देने की बात कर रहे हैं, वह मुकदमा देशद्रोह की धारा में दर्ज हुआ था और राजस्थान सरकार ने 15 दिन बाद ही उस मुकदमे को विड्रॉ कर लिया। अब केस विड्रो करने के बाद भी राजस्थान की पुलिस मुझसे वाॅयस सैंपल मांगती है तो मैं देने को तैयार हूं।
शेखावत ने कहा- मुझे तो जिले का एसपी प्रोटोकॉल दे रहा है, राजस्थान की पुलिस मेरी सुरक्षा कर रही है। राजस्थान की किसी जिले की पुलिस को मुझसे पूछताछ करनी है तो सहर्ष तैयार हूंं। तीन दिन पहले भी राजस्थान था, आगे भी दो दिन राजस्थान ही हूं।
भीलवाड़ा में यह बयान देने के बाद गजेंद्र सिंह शेखावत ने भास्कर से बातचीत में कहा- राजस्थान में कांग्रेस सरकार है। राजस्थान पुलिस मुझे प्रोटोकॉल दे रही है और मेरी सुरक्षा कर रही है। मैं भगौड़ा होता तो मुझे पकड़ा क्यों नहीं? मेरा वॉयस सैंपल क्यों नहीं लिया। मुझे वॉयस सैंपल देने के लिए कोई नोटिस भी नहीं मिला है, मिलता तो मैं जवाब देता। महेश जोशी को नोटिस मिला है, लेकिन वो बयान से बचने के लिए भाग रहे हैं। आप ही तय करें भगौड़ा कौन है।
महेश जोशी का नाम एफआईआर में नहीं, फिर इन नेताओं को डर क्यों सता रहा
गजेंद्र सिंह ने कहा- मेरी एफआईआर में किसी नेता का जिक्र नहीं है। महेश जोशी का तो बिलकुल नहीं। फिर इन नेताओं को डर क्यों सता रहा है, दिल्ली पुलिस अपना काम कर रही है। जांच में किससे पूछताछ करती है ये उनका पार्ट है। फोन रिकार्डिंग सीएम से जुड़े व्यक्ति लोकेश शर्मा ने वायरल की थी तो मुझे जानने का हक है कि रिकार्डिंग नियमों के अनुसार हुई या नहीं। मेरे और मेरी पत्नी के बीच संवाद या नेताओं से संवाद रिकॉर्ड हुए? यह जांच के बाद ही पता चलेगा। एक बार निष्पक्ष जांच होने दीजिए ये सरकार गिर जाएगी। वैसे इस तरह के कृत्य में 1980 में रामकृष्ण हेगड़े की सरकार चली गई थी।
सरकार गिराने वाले ऑडियो के मुख्य किरदार भंवरलाल शर्मा
गजेंद्र सिंह ने कहा- सरकार गिराने से जुड़े ऑडियो के मुख्य किरदार विधायक भंवरलाल शर्मा है, जो मुख्यमंत्री के बगल में बैठकर फोटो सेशन कराते हैं। उस समय सचिन पायलट समेत 19 कांग्रेसी नेता राजस्थान की सीमा छोड़कर गए थे। तब कांग्रेस कह रही थी कि उन्हें भाजपा ने बुलाकर बंधक बनाया। मेरा दावा है कि 19 में से एक भी कह दे कि मैंने या बीजेपी ने हमें बंधक बनाया या किसी तरह की मेहमान नवाजी की हो तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। आपसी झगड़े में हमें बदनाम कर रहे हैं। दूसरी बात सरकार गिराने से जुड़े ऑडियो के मुख्य में मैं नहीं विधायक भंवरलाल शर्मा हैं, जो सीएम की बगल में बैठकर फोटो सेशन कराते हैं। सबसे पहले पूछताछ तो उनसे होनी चाहिए।
ऑडियो में मेरी आवाज नहीं थी
देरी से एफआईआर करवाने के सवाल पर शेखावत ने कहा- पहले तो मैंने इस मामले को इसलिए ज्यादा तव्वजो नहीं दी क्योंकि ऑडियो में मेरी आवाज नहीं थी। इसके बाद राज्य सरकार ने माना कि फोन टेप हुए हैं। इस पर सवाल उठा कि गृह के अफसर व अन्य पुलिस अधिकारियों ने ये फोन टैपिंग किन नियमों में की या किस के इशारे से की, कोई तीसरी शक्ति ही फोन टेपिंग कर रही है तो एफआईआर बनती है और करा दी।