जोधपुर
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा में भी कलह बढ़ने लगी है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जोधपुर के शेरगढ़ से पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़ के बीच टकराव सोमवार को खुलकर सामने आ गया। बालेसर में प्रत्याशी चयन को लेकर कार्यकर्ताओं ने सिंह शेखावत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन पर मजबूत प्रत्याशियों के टिकट काटने का आरोप लगाया।
शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बालेसर, सेखाला, शेरगढ़ व चामू पंचायत समिति है। इन चारों पंचायत समिति में पंचायत समिति सदस्य के टिकट वितरण को लेकर पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़ व शेखावत गुट के बीच टकराव बढ़ गया। सोमवार को बाबूसिंह के समर्थक बालेसर के चामुंडा माता मंदिर परिसर में एकत्र हुए। इनमें पूर्व प्रधान बाबू सिंह, बालेसर मंडल अध्यक्ष पप्पू कच्छवाह सहित कई पूर्व पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
कार्यकर्ताओं में आक्रोश कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शेखावत ने अपने समर्थकों को आगे करने के लिए मजबूत समझे जाने वाले प्रत्याशियों के टिकट काट दिए। उन्होंने शेखावत के खिलाफ नारेबाजी की। फिलहाल मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद हैं। शेखावत व बाबू सिंह दोनों जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। बाबूसिंह व शेखावत की पहले आपस में बेहद घनिष्ठता थी। दोनों को वसुंधरा राजे विरोधी माना जाता था। वसुंधरा राजे ने लंबे अरसे तक बाबू सिंह की उपेक्षा की। राजे के पिछले कार्यकाल के अंतिम दिनों में समीकरण तेजी से बदले और उन्होंने बाबूसिंह को साध लिया। इसके बाद बाबू सिंह वसुंधरा खेमे से जुड़ गए। बाबू सिंह के वसुंधरा खेमे से जुड़ते ही उनकी शेखावत के साथ दूरियां बढ़नी शुरू हो गईं। दोनों के बीच बढ़ती दूरियों का नतीजे अब पंचायत समिति चुनाव में एक-दूसरे के समर्थकों के टिकट काटने के रूप में सामने आ रहा है।