Tuesday, May 5निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

कोरोना में ब्रेस्टफीडिंग और वैक्सीनेशन:संक्रमित मां करा सकती है ब्रेस्टफीडिंग; वैक्सीन लगवाना भी जरूरी, इससे मां-बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ेगी

नई दिल्ली

कोरोना से संक्रमित होने वाली महिलाओं को ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए या नहीं और वैक्सीनेशन के बाद बच्चे को दूध पिलाएं या नहीं? ये सवाल कई महिलाओं के जेहन में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कहता है कि ऐसी महिलाएं बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग करा सकती हैं, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर। जैसे- आपने आसपास की चीजों को डिसइन्फेक्ट करें, बच्चे को गोद में लेने से पहले हाथों को साबुन-पानी या सैनेटाइजर से साफ करें और मास्क लगाएं। अगर संक्रमण ज्यादा है, तो बच्चे के लिए एक्सप्रेस मिल्क का इस्तेमाल कर सकती हैं।

अब बात करते हैं मां के वैक्सीनेशन की। मुम्बई के जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में लेक्टेशन कंसल्टेंट डॉ. मानसी शाह कहती हैं, गर्भवती और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाएं वैक्सीन लगवा सकती है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

वैक्सीन लगवाने से पहले और बाद में ये बातें ध्यान रखें

  • ब्रेस्टफीडिंग जारी रखें: कोविड वैक्सीन लगने के बाद भी ब्रेस्टफीडिंग जारी रखें, क्योंकि वैक्सीनेशन के बाद शरीर में एंटीबॉडी बनना शुरू होती हैं। ये ब्रेस्टफीडिंग के जरिए बच्चे में पहुंचती हैं और उसकी इम्यूनिटी बढ़ती है।
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें: वैक्सीनेशन से पहले और बाद में शरीर में पानी की कमी न होने दें। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा मां को बीमारियों और वैक्सीन के संभावित साइड इफेक्ट से भी दूर रखती है।
  • डाइट में सुपरफूड शामिल करें: साइड इफेक्ट से बचने के लिए इम्यूनिटी का स्ट्रॉन्ग होना जरूरी है। इसके लिए अपने खानपान में सुपरफूड जैसे पत्तेदार सब्जियां, हल्दी, लहसुन जैसी चीजें शामिल करें। इसके अलावा विटामिन-सी युक्त मौसमी फल जैसे- संतरा, मौसमी खाएं।
  • नींद पूरी लें: एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर महिलाएं अपनी नींद पूरी लेती हैं, तो ब्रेस्टफीडिंग कराने के बाद उन्हें थकान नहीं महसूस होती। वैक्सीन लगने के बाद शरीर में इम्यूनिटी रिस्पॉन्स तेज होने के लिए भी नींद जरूरी है। इसलिए 8 घंटे की नींद जरूर लें।
  • हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें: अपने रूटीन में हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या वॉक को जरूर शामिल करें। इससे शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन बेहतर होता है और वैक्सीन के साइड इफेक्ट का खतरा घटता है।

वैक्सीन लगवाने के बाद अनिद्रा और तनाव से बचें
डॉ. मानसी शाह कहती हैं, वैक्सीन लगने के बाद यह पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता है आप कोविड से सुरक्षित हैं, इसलिए बाहर निकलने पर मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना न भूलें। वैक्सीन लगवाने के बाद तनाव न लें और 8 घंटे की नींद जरूर पूरी करें। अल्कोहल से दूरी बनाएं क्योंकि ये इम्यून रिस्पॉन्स को धीमा कर देता है। इसके अलावा शरीर में अल्कोहल का स्तर अधिक होने पर ये बेस्टफीडिंग के जरिए बच्चे में पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचा सकता है। जिस जगह वैक्सीन लगी है, वहां दर्द होने पर कपड़े में बर्फ बांधकर सिंकाई कर सकती हैं।

ब्रेस्टफीडिंग से मां और बच्चे दोनों को फायदा
डॉ. मानसी शाह कहती हैं, ज्यादातर माएं समझती हैं कि ब्रेस्टफीडिंग सिर्फ बच्चे के लिए जरूरी है, लेकिन ऐसा नही है। मांओं को भी इसके कई फायदे मिलते हैं। जैसे- डिलीवरी के बाद बढ़ा हुआ वजन कंट्रोल होने लगता है, डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां का खतरा घटता है। इसके अलावा भविष्य में हड्डियों के कमजोर होने वाली बीमारी यानी ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका और पोस्ट प्रेग्नेंसी ब्लीडिंग भी कम हो जाती है।

कब न कराएं ब्रेस्टफीडिंग
अगर मां एचआईवी पॉजिटिव हो, टीबी की मरीज हो या कैंसर के इलाज में कीमोथैरेपी ले रही है, तो ब्रेस्टफीडिंग नहीं करानी चाहिए। अगर नवजात में गैलेक्टोसीमिया नाम की बीमारी पाई गई है तो मां को दूध नहीं पिलाना चाहिए। यह एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें बच्चा दूध में मौजूद शुगर को पचा नहीं पाता। इसके अलावा अगर माइग्रेन, पार्किंसन या आर्थराइटिस जैसे रोगों की दवा पहले से ले रही हैं तो डॉक्टर को जरूर बताएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *