श्रीगंगानगर। अपराधिक घटनाओं पर आधारित टीवी शो क्राइम पेट्रोल देखने के शौकीन एक युवक ने अपने ही दोस्त को बेरहमी से मार कर खेत की झाड़ियों में लाश छुपा दी। पुलिस ने इस युवक को गिरफ्तार कर ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाया है। बीकानेर जिले में नोखा थाना क्षेत्र के गांव चरकड़ा के पास एक युवक की बरामद हुई लाश की तफ्तीश करते हुए पुलिस ने यह खुलासा किया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रीति चंद्रा के अनुसार हत्या करने के आरोप में नंदकिशोर सुथार (27) पुत्र नारायण राम निवासी विश्वकर्मा मंदिर के नजदीक नोखा को गिरफ्तार किया गया है। विगत 30 अगस्त की शाम को चरकड़ा गांव के नजदीक एक खेत में अज्ञात युवक की खून से सनी लाश मिली थी, जिसकी पहचान बाद में अर्जुनकुमार के रूप में हुई। उसी रात भंवरलाल जाट निवासी साधुना हाल राठीखेड़ी द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर उसके पुत्र अर्जुन की हत्या करने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। भंवरलाल ने बताया कि अर्जुन 26 अगस्त को लापता हो गया था। नोखा थाना में उसने अर्जुन के गुम हो जाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। उसका मोबाइल फोन लगातार नो- रिप्लाई आ रहा था। 30 अगस्त की शाम लगभग 4 बजे पुलिस को सूचना मिली कि चरकडा के पास एक खेत में एक युवक की लाश पड़ी है। पुलिस द्वारा बताए जाने पर अर्जुन के परिवारजन वहां पहुंचे तो लाश अर्जुन की ही निकली।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने घटनास्थल खेत की तरफ जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व लोकेशन को खंगाला। मृतक अर्जुन के मोबाइल फोन पर ज्यादातर कॉल नंदकिशोर के आए हुए थे। इससे वह संदेह के घेरे में आ गया। नंदकिशोर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया
सिर्फ 35 हजार रुपए ब्याज सहित लौटाने का था विवाद
पुलिस के अनुसार मृतक अर्जुन और नंदकिशोर गहरे दोस्त थे। डेढ-दो साल वर्ष इनमें रूपयों का लेनदेन चल रहा था। अर्जुन से करीब एट वर्ष पहले नंदकिशोर में 35 हजार रूपए उधार लिए थे। वह समय-समय पर मूल रकम और ब्याज किश्तों में देता रहा।उसने करीब 50 हजार रूपए लौटा दिए थे लेकिन फिर भी मूल रकम और ब्याज बकाया होना कहकर अर्जुन लगातार रुपए मांग रहा था। नंदकिशोर ने पुलिस को बताया कि जब वह और रुपए देने से मना करता तो अर्जुन गाली-गलौज तथा अभद्र भाषा का प्रयोग करता था। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
पुलिस के अनुसार नंदकिशोर ने उजागर किया कि वह क्राइम पेट्रोल टीवी सीरियल देखा करता था। टीवी सीरियल में उसने हत्या किए जाने और हत्यारे का पता नहीं चलने के कई एपिसोड देखें।इससे उसके दिमाग में बार-बार रुपए मांग रहे और नहीं देने पर गाली गलौज किए जाने का बदला लेने का विचार आया। अर्जुन उसका अच्छा दोस्त था। लगभग आए रोज मोबाइल फोन पर बातें होती थीं। लगभग 10 दिन से वह अर्जुन से बदला लेने के मौके की तलाश में था।
पहले छुपा आया सरिया
पुलिस के अनुसार नंदकिशोर का चरकड़ा के पास सुनसान जगह पर खेत है। वह पहले खेत जाकर नजदीक के एक सुनसान रास्ते पर हत्या किए जाने की जगह को चिन्हित कर आया। वही लोहे का एक सरिया छुपा दिया। योजना के मुताबिक नंदकिशोर ने 26 अगस्त को फोन करके अर्जुन को खेतों की तरफ घूमने चलने के लिए कहा।कुछ देर बाद अर्जुन मोटरसाइकिल लेकर नोखा के गांधी चौक में नंदकिशोर को मिला। दोनों मोटरसाइकिल पर चरकड़ा की तरफ चले गए। रास्ते में भट्टड मिल के पीछे वैदों की खेत की तरफ नंदकिशोर उसे ले गया, जहां पहले से सरिया छुपाया हुआ था। मोटरसाइकिल खेत के पास छोड़कर पैदल पैदल ऊंचे टीले की तरफ चल पड़े। थोड़ा आगे जाने पर नंदकिशोर जानबूझकर धीरे चलते हुए पीछे की तरफ हो गया। वही छुपाया हुआ सरिया निकालकर पीछे से अर्जुन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर पर बेतहाशा सरिया के वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लाश को टिले के पास ही खींप के पौधों की झाड़ियों में छुपा दिया। परसों सोमवार शाम अर्जुन की लाश बरामद होने पर पुलिस ने मौके की कार्रवाई के बाद उसे अस्पताल के मुर्दाघर में सुरक्षित रखवा दिया। कल मंगलवार को परिवार जन अड गए कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता वे लाश को स्वीकार नहीं करेंगे। परिवार जन कल शाम तक धरना देकर बैठे रहे। काफी समझाइश पर वे देर शाम को मान गए। पोस्टमार्टम के बाद लाश को ले गए। इसके कुछ देर बाद ही नंदकिशोर को गिरफ्तार कर लिया गया।