गोलूवाला (सीमा सन्देश न्यूज)। दो माह से गेंहू का उठाव नही होने के कारण किसानों की खून पसीने की कमाई खुले आसमान के नीचे में पड़ी है। ऐसे में किसान अपने सभी काम छोड़ कर मंडी में फसल की निगरानी करने के लिए मजबूर है। मंडी में टीन शेड ,गेंहू का उठाव न होने और बरसात के कारण भारी मात्रा में गेंहू खराब हो रहा है। व्यापार मंडल गोलुवाला और किसानों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रशासनिक अधिकारीयों को बार बार इस समस्या से अवगत करवाया गया। परन्तु समस्या का समाधान नही किया गया। अब गेहूँ का उठाव न होने के कारण किसानों को डर सताने लगा है कि बरसात के कारण गेंहू में नमी की मात्रा बढ़ सकती है। इससे एफसीआई इसे अपने मापदण्ड पर सही नहीं मानेगी और खरीदने से मना कर सकती है। सरकार के नुमाइंदों द्वारा भी किसानों की पीड़ा को समझना तो दूर सुना तक नहीं जा रहा। कोरोना काल मे उपजे आर्थिक संकट में किसानो की मंडी में खराब हो रही गेंहू के नुकसान की भरपाई कौन करेगा, इस सवाल पर पूरा प्रशासनिक अमला बगले झांक रहा है। किसानों ने कहा की बार- बार प्राशासनिक अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाने के बावजूद अधिकारी सुनवाई नही कर रहे है ऐसे में किसान आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर लंबे संघर्ष के लिए तैयार है। व्यापार मंडल ने भी कहा है की किसानों के हितों के लिए व्यापारी किसानो के साथ कंधे से कंधा मिला कर संघर्ष करने के लिए तैयार है।