-गंगनहर की कई वितरितकाएं हो रही प्रभावित
श्रीगंगानगर.गंगनहर में पिछले चार-पांच दिन से सिंचाई पानी लगातार कम होता जा रहा है। जबकि जल संसाधन विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। पहले नहरबंदी,फिर शेयर कम होने की वजह से पानी की मात्रा कम चलाई गई और अब जून माह में शेयर 2000 हजार क्यूसेक होने के बाजवूद पूरा सिंचाई पानी पंजाब से नहीं मिल रहा है। इस कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार बुधवार शाम को खखां हैड पर 1161 क्यूसेक सिंचाई पानी चल रहा था जबकि गुरुवार शाम को 161 क्यूसेक पानी घट कर 1000 हजार क्यूसेक पानी रह गया। इस पानी में 350 क्यूसेक पानी पेयजल को दिया जा रहा है। जबकि नहरों में महज 650 क्यूसेक सिंचाई पानी बचा है।
सिंचाई पानी कम होने से गंगनहर से जुड़ी कई नहरें प्रभावित हो रही है। किसानों की लगातार बारियां सूखी जा रही है। इसको लेकर किसानों में जल संसाधन विभाग,जिला प्रशासन व राज्य की सरकार के प्रति आक्रोश देखा जा रहा है। सिंचाई पानी को लेकर बुधवार को ग्रामीण किसान मजदूर समिति जीकेएस ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर शेयर के अनुसार गंगनहर में पानी चलाने की मांग की गई थी। उल्लेखनीय है कि पंजाब से फिरोजपुर फीडर से 45 आरडी से निकलने वाली बीकानेर कैनाल गंगनहर में सिंचाई पानी शेयर के अनुसार नहीं छोड़ा जा रहा है।
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खरीफ की फसलें हो रही है प्रभावित
गर्मी के मौसम में नरमा-कपास,गन्ना,बागवानी व हरा चारा की फसल को सिंचाई पानी की मांग ज्यादा बनी हुई है। जबकि पानी की मात्रा कम है। इस कारण खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही है। साथ ही ग्वार व मूंग की बुवाई भी प्रभावित हो रही है।
वहीं,जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता धीरज चावला का कहना है कि सिंचाई पानी पंजाब से कम ही मिल रहा है। इससे नहरें तो प्रभावित हो ही रही है।