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गंगनहर में 25 से 18 दिन, इंदिरा नहर में 26 मार्च से 60 दिन बंदी

सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर।
गंगनहर में जलसंसाधन विभाग 25 मार्च से बंदी लेने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। हालांकि विभाग का कहना है कि इलाके के किसानों को गेहंू, सरसों के पकाव के लिए पर्याप्त पानी दिया जायेगा। जहां पानी नहीं मिला है,वहां के किसानों की भरपाई की जायेगी। पहले यह बंदी 22 मार्च से शुरू की जानी थी, लेकिन अब 25 मार्च से प्रस्तावित है। इसमे भी एक या दो दिन देरी हो सकती है। गंगनहर में बंदी 25 मार्च से 13 अप्रेल तक की ली जायेगी। इसके बाद नहर में पानी प्रवाहित कर दिया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में पानी की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीतसिंह मेहरडा ने बताया कि आईजीएनपी में नहरबंदी को लेकर तैयारियां की जा रही है। 26 मार्च से 60 दिन की बंदी ली जायेगी। हालांकि पंजाब के अधिकारियों ने 5 दिन की बंदी का प्रस्ताव भेजा है। लेकिन हमने इस संबंध में विभाग के सिंचाई सचिव को अवगत करवा दिया था। आज सिंचाई सचिव ने पंजाब सरकार के अधिकारियों से बातचीत कर पत्र लिखा है। उम्मीद है बंदी 60 दिन की रहेगी।
भंडारण के निर्देश
मेहरडा ने बताया कि जलदाय विभाग के अधिकारियों को पेयजल भंडारण के निर्देश जारी कर दिये है। बंदी के दौरान पानी की दिक्कत नहीं आयेगी। 26 मार्च से पहले पानी का भंडारण सुनिश्चित कर लिया जायेगा।
65 किलोमीटर रिलाईंनिंग
बंदी के दौरान आईजीएनपी की करीब 65 किलोमीटर लम्बी नहर की रिलाइनिंग की जायेगी। नहर की बुर्जी संख्या 200 से लेकर 415 तक नहर की लाइनिंग की जायेगी। इसके लिए करीब 200 करोड़ का बजट मिला है। कार्य पूरा होने के बाद किसानों को पर्याप्त मात्राद में पानी मिलने लगेगा।