बीकानेर. बीकानेर नगर निगम में भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगे है। शुक्रवार को नगर निगम की गौशाला का संचालन कर रही सोहन लाल बुलादेवी ओझा गौशाला समिति अध्यक्ष अनिल कुमार ओझा ने समिति के 5 करोड रुपए के अटके भुगतान को लेकर गंभीर आरोप लगाए। ओझा ने कहा कि निगम में गुण्डागर्दी चल रही है। जानबूझकर भुगतान को रोका जा रहा है।
अनिल ओझा ने आरोप लगाया कि महापौर पति विक्रम सिंह ने कहा कि ‘समिति के भुगतान की फाइल के कोई हाथ नहीं लगाएगा। किसी ने फाइल के हाथ लगाया तो उसके हाथ पैर तोड देंगे।’ ओझा ने पत्रकारों के समक्ष दर्द बयान करते हुए कहा कि भुगतान को लेकर सरकार से डीएलबी और कई बार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से भी मिले। अधिकारियों ने टका सा जवाब दे दिया, वे कुछ नहीं कर सकते। जो भी करना है महापौर व उनके परिवार को करना है, उनसे सैटिंग कर लो।
समिति अध्यक्ष ओझा के अनुसार पिछले पन्द्रह महीनों से समिति का करीब ५ करोड़ रूपए का भुगतान अटका हुआ है। निगम न अपनी गौशाला का भुगतान कर रहा है और ना ही गाढ़वाला समिति का भुगतान। इसके लिए डीएलबी से सरकार तक गुहार लगाने व ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से भी मुलाकात करने के बाद बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। निगम प्रशासन हाइकोर्ट के निर्देशों को भी नहीं मान रहा है। हाइकोर्ट के निर्देशों के एक माह बाद भी निगम प्रशासन महज लीपापोती करने में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि समिति को बकाया भुगतान नहीं होता है तो कोर्ट में कंटेप्ट फाइल करेंगे।
पन्द्रह महीनों से भुगतान नहीं
सोहन लाल बुलादेवी ओझा गौशाला समिति अध्यक्ष अनिल कुमार ओझा ने कहा कि पशु सेवा की भावना को लेकर निगम गौशाला के संचालन कार्य को हाथ में लिया। समिति गौशाला में पैसा लगा रही है और बदनामी भी सहन कर रही है। उन्होंने कहा कि करीब बीस माह में महज पांच महीनों का भुगतान किया है, जबकि पन्द्रह महीनों के भुगतान को रोक कर रखा हुआ है।