बीकानेर. खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया की अध्यक्षता में सम्भाग के माइंस एसोसिएशन के पदाधिकारियों और खनन विभाग के अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
इस अवसर पर खान मंत्री ने कहा कि राजस्थान में प्रचुर मात्रा में खनिज सम्पदा विद्यमान है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा शीघ्र ही नई माइनिंग पॉलिसी तैयार की जा रही है जिससे रोजगार की संभावनाएं तथा सरकार की आय बढ़ सके। उन्होंने कहा कि नई नीति बनाने से पूर्व अन्य राज्यों की खनन नीतियों का अध्ययन किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुएए प्रत्येक क्षेत्र की खनन सम्बंधी समस्याओं को सुनने और सुझाव प्राप्त करने के अलावा इनके समाधान के लिए सम्भाग स्तर पर संवाद प्रारम्भ किए गए हैं।
प्राथमिकता से हो डीएमएफटी फंड का उपयोग
उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि डीएमएफटी फंड की राशि खनन व खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता से व्यय की जाए जिससे इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा सके। उन्होंने कहा कि कपिल सरोवर आस्था का केन्द्र है। सरोवर में सफाई के लिए आवश्यक संसाधन और स्वच्छता गतिविधियों के लिए डीएमएफटी फंड से राशि स्वीकृत की जाए।
खाजूवाला विधायक गोविंद राम मेघवाल ने कहा कि खनन से जुड़े लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिले तथा युवाओं को इसमें अधिक से अधिक रोजगार मिले।
खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित खनन नीति के सम्बन्ध में सुझावों के लिए पहली बैठक बीकानेर सम्भाग में आयोजित की गई है। प्रदेश में खनन नीति लागू करने से पूर्व मध्यप्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों की खनन नीति का अध्ययन किया गया है।
दो सौ प्रकरणों का किया निस्तारण
बैठक के दौरान खान मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जिले में जिप्सम परमिट से सम्बंधित प्रकरणों का निस्तारण लंबे समय बाद प्रारम्भ हुआ है। ऐसे सभी प्रकरणों का अविलम्ब निस्तारण किया जाए। इस सम्बंध में जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि हाल ही में जिले के दो सौ प्रकरण निस्तारित किए गए हैं। खान एवं भू विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. केबी पंड्या ने बैठक की रूपरेखा के बारे में बताया।