श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर 24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सर्वदलीय बैठक करने वाले हैं। इससे पहले शनिवार को महबूबा मुफ्ती पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के नेताओं के साथ मीटिंग की। PM मोदी की बैठक को लेकर क्या कोर्स ऑफ एक्शन होगा, इस पर PDP की राजनीतिक मामलों की समिति ने चर्चा की।
पार्टी के प्रवक्ता सैयद सुहेल बुखारी ने बताया, ‘सभी सदस्यों ने तय किया है कि इस पर अंतिम फैसला महबूबा मुफ्ती ही लेंगी। अगले दो दिनों में गुपकार अलायंस की बैठक भी होगी। मामले पर वहां भी चर्चा की जाएगी।’
PDP नेता सरताज मदनी रिहा
इससे पहले महबूबा मुफ्ती के मामा और PDP के नेता सरताज मदनी को शनिवार को रिहा कर दिया गया। मदनी पिछले 6 महीने से नजरबंदी में थे। उनकी रिहाई पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बाकियों की रिहाई की मांग भी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘राहत की बात है कि PDP के नेता सरताज मदनी को 6 महीने तक गलत तरीके से हिरासत में रखने के बाद आखिरकार रिहा कर दिया गया। अब समय आ गया है कि भारत सरकार जम्मू-कश्मीर की जेलों के अंदर और बाहर सड़ रहे राजनीतिक बंदियों को रिहा करे। महामारी उनकी रिहाई का एक बड़ा कारण हो सकती है।’
मीटिंग के लिए 14 दलों को भेजा गया न्यौता
बैठक के लिए जम्मू-कश्मीर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत 14 दलों के नेताओं को न्योता भेजा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इसकी पुष्टि की है। PMO के मुताबिक, सभी नेताओं को फोन पर मीटिंग में शामिल होने के लिए सूचित कर दिया गया है।
बैठक से पहले इन्हें कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य होगा। फारूक अब्दुल्ला और भाजपा के रविंदर रैना ने मीटिंग की पुष्टि कर दी है। जम्मू-कश्मीर BJP के अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 24 जून को जम्मू-कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों को सर्वदलीय बैठक के लिए बुलाया है। मुझे इस बैठक का निमंत्रण मिला है।
पूर्ण राज्य जैसे मुद्दों पर बातचीत संभव
सूत्रों के मुताबिक, PM मोदी की मीटिंग में जम्मू-कश्मीर में चल रहे राजनीतिक गतिरोध के अलावा केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने संबंधी विषयों पर चर्चा हो सकती है। बैठक में जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा की उम्मीद है।
अगस्त 2019 में खत्म हुआ था अनुच्छेद 370
- अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में भी विभाजित किया गया था।
- इस फैसले से पहले जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। हालांकि,महीनों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।